facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

चाय बोर्ड ने सर्दियों में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद करने का दिया आदेश

बोर्ड के आदेश के अनुसार दार्जिलिंग, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सभी चाय कारखानों के लिए हरी पत्तियां तोड़ने या लेने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर तय की गई है।

Last Updated- October 11, 2023 | 12:35 PM IST
Dhunseri tea

चाय बोर्ड ने अगले साल की पहली छमाही में बेहतर फसल के लिए उत्तर भारत में सर्दियों में चाय उत्पादक क्षेत्रों में विनिर्माण इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है। बोर्ड के आदेश के अनुसार दार्जिलिंग, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सभी चाय कारखानों के लिए हरी पत्तियां तोड़ने या लेने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर तय की गई है। वहीं पश्चिम बंगाल के दुआर तथा तराई क्षेत्र और बिहार के लिए तारीख 23 दिसंबर है।

दार्जिलिंग, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कारखानों में हरी पत्ती के प्रसंस्करण की अंतिम तारीख 13 दिसंबर, जबकि तराई, दुआर और बिहार के लिए तारीख 26 दिसंबर है। आदेश में कहा गया कि दार्जिलिंग, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के लिए छंटाई, पैकिंग और पैक की गई चाय को अधिसूचित भंडारण क्षेत्रों में बिल मार्किंग के साथ ले जाने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर होगी।

यह भी पढ़ें : Goodricke को इस वित्त वर्ष में मुनाफे में लौटने की उम्मीद

पश्चिम बंगाल के दुआर तथा तराई क्षेत्र और बिहार में सीटीसी किस्म के लिए छह जनवरी 2024 और हरी चाय किस्मों के लिए 11 जनवरी 2024 की तारीख तय की गई है। चाय उद्योग के अनुसार ‘विंटर डॉर्मेंसी’ (शीतकालीन प्रसुप्तावस्था) के कारण चाय बागानों का बंद किया गया है। इस अवधि में चाय की झाड़ियां बढ़ती नहीं हैं।

First Published - October 11, 2023 | 12:35 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट