facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

केबल ऑपरेटरों की याचिका पर सुनवाई करेगा केरल हाईकोर्ट

Last Updated- February 19, 2023 | 10:54 PM IST

ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) द्वारा प्रसारकों – Disney-Star, Sony और Zee के खिलाफ शनिवार से काटे गए सिग्नल की बहाली के लिए दायर याचिका पर केरल हाई कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। प्रसारकों ने यह कदम पिछले सप्ताह AIDCF के सदस्यों का कनेक्शन काटने का नोटिस जारी किए जाने के बाद उठाया था।

AIDCF में शीर्ष केबल कंपनियां शामिल हैं, जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्वामित्व वाली Hathway, Den, GTPL और हिंदुजा समूह की NXT Digital, राजन रहेजा समूह के स्वामित्व वाली Asianet Digital Network तथा क्षेत्रीय केबल ऑपरेटर – Kerala Communicators Cable और UCN Cable Network।

1 फरवरी से नए शुल्क आदेश (NTO) 3.0 लागू होने के बाद चैनल की कीमतों के संबंध में केबल ऑपरेटरों और प्रसारकों के बीच टकराव के बाद यह ब्लैकआउट हुआ था। हालांकि प्रसारकों का कहना है कि चैनल की कीमतों में बढ़ोतरी केवल पांच से 15 प्रतिशत के दायरे में ही है, लेकिन केबल ऑपरेटरों का कहना है कि चैनल और नेटवर्क के आधार पर कीमतों में 60 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जो घरेलू केबल और उपग्रह बाजार को नुकसान पहुंचा सकती है, जिसे दामों से लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

रविवार को AIDCF के एक बयान में कहा गया है कि देश भर में 4.5 करोड़ घर स्टार, सोनी और ज़ी नेटवर्क के सभी चैनलों से वंचित रह गए हैं क्योंकि केबल टीवी प्लेटफार्मों ने रिफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) या चनल के दामों के संबंध में प्रसारकों के साथ संशोधित समझौते का क्रियान्वयन नहीं किया था।

मुंबई की ब्रोकर इलारा कैपिटल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) करण तौरानी के अनुसार 4.5 करोड़ घर देश में कुल 12.5 करोड़ पे टीवी आधार का 36 प्रतिशत हिस्सा होगा, जो अच्छा-खासा हिस्सा है।

तौरानी ने कहा कि यह टीवी प्रसारण उद्योग के लिए निराशाजनक है, जो डिजिटल खपत की वजह से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ब्लैकआउट लंबी अवधि तक बना रहता है, तो आखिर में कुछ केबल और उपग्रह डायरेक्ट-टू-होम की ओर पलायन करेंगे। दूसरी तरफ उन प्रसारकों को विज्ञापन और ग्राहक सदस्यता के राजस्व पर 25 से 30 प्रतिशत के दायरे में नुकसान झेलना पड़ सकता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि यह मसला कितने दिनों तक चलता है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), जो दूरसंचार और प्रसारण दोनों ही क्षेत्रों का नियामक है, ने नवंबर 2022 में एनटीओ 2.0 (जिसे अब एनटीओ 3.0 कहा जाता है) में संशोधन किया था। इसमें टेलीविजन चैनल, जो किसी बुके का हिस्सा होता है, की कीमत सीमा में बदलाव किया गया था, जिसे पहले के 12 रुपये से 19 रुपये कर दिया गया।

First Published - February 19, 2023 | 9:59 PM IST

संबंधित पोस्ट