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Elon Musk के वेतन पैकेज पर फिर US कोर्ट की ‘ना’, Tesla ने अपील का किया ऐलान

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अदालत ने शिकायतकर्ता रिचर्ड टॉरनेटा के वकीलों के लिए ₹2,800 करोड़ फीस तय की, जो उनकी ₹45,000 करोड़ की मांग से काफी कम है।

Last Updated- December 03, 2024 | 9:49 AM IST
Tesla CEO Elon Musk
File Photo: Tesla CEO Elon Musk

अमेरिका की एक अदालत ने सोमवार को ईलॉन मस्क (Elon Musk) के लिए टेस्ला में तय किए गए ₹46,000 करोड़ से ज्यादा के मुआवजा पैकेज को खारिज करने का अपना फैसला बरकरार रखा। अदालत ने इसे शेयरहोल्डर्स की वोटिंग के जरिए बहाल करने की कोशिश को भी खारिज कर दिया।

डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी की जज कैथलीन मैककॉर्मिक ने कहा कि जून में शेयरहोल्डर्स की वोटिंग के जरिए मस्क के इस पैकेज को मंजूरी दिलाने का टेस्ला का प्रयास उनके जनवरी में दिए फैसले को बदल नहीं सकता। उन्होंने इसे “बहुत ज्यादा और शेयरहोल्डर्स के लिए अनुचित” बताया था।

जज ने टेस्ला के इस प्रयास में कई गलतियां पाईं। इसमें शेयरहोल्डर्स को दिए गए दस्तावेजों में “गलत जानकारी” दी गई थी, जिससे वोट के प्रभाव को गलत तरीके से पेश किया गया।

उन्होंने अपने फैसले में कहा, “फैसले को बदलने का अनुरोध खारिज किया जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “टेस्ला की टीम ने तर्कों में नए तरीके अपनाए, लेकिन उनके ये तर्क कानून के खिलाफ जाते हैं।”

टेस्ला ने मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान दिया कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

मस्क ने कहा, “कंपनी के फैसले शेयरहोल्डर्स के हाथ में होने चाहिए, जजों के नहीं।”

अदालत ने शिकायतकर्ता रिचर्ड टॉरनेटा के वकीलों के लिए ₹2,800 करोड़ फीस तय की, जो उनकी ₹45,000 करोड़ की मांग से काफी कम है।
डेलावेयर कानून के मुताबिक शुल्क की गणना का तरीका सही था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इतना बड़ा भुगतान “अनुचित लाभ” होगा।

मार्च 2018 में शेयरहोल्डर्स ने एलन मस्क के लिए एक खास भुगतान योजना को मंजूरी दी थी। यह योजना टेस्ला की बड़ी सफलता के लिए मस्क को इनाम देने के लिए बनाई गई थी।

लेकिन, एक शेयरहोल्डर रिचर्ड टोर्नेटा ने मुकदमा दायर कर आरोप लगाया कि टेस्ला के बोर्ड ने सही ढंग से काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि मस्क ने अपनी शर्तें बोर्ड पर थोपीं और बोर्ड के सदस्य मस्क से स्वतंत्र नहीं थे।

टोर्नेटा ने मस्क पर “अनुचित लाभ” का आरोप लगाते हुए इस भुगतान योजना को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस योजना ने मस्क को दुनिया का सबसे अमीर इंसान बना दिया।

2022 में ट्रायल के दौरान, मस्क ने कहा कि टेस्ला के निवेशक दुनिया के सबसे समझदार लोगों में से हैं और वे उनके काम पर नजर रखते हैं।
मस्क ने यह भी कहा कि टेस्ला कभी ऑटो इंडस्ट्री का मजाक बनती थी, लेकिन मॉडल 3 की सफलता ने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्होंने भुगतान योजना बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाई और न ही बोर्ड के साथ इस पर चर्चा की।

डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी अमेरिका की बड़ी कंपनियों के लिए एक प्रमुख कोर्ट है, जहां दो-तिहाई फ़ॉर्च्यून 500 कंपनियां रजिस्टर्ड हैं।
सोमवार को मस्क ने “X” (पहले ट्विटर) पर ऐसी पोस्ट शेयर कीं, जिनमें कंपनियों को डेलावेयर छोड़ने की सलाह दी गई थी।

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First Published - December 3, 2024 | 9:49 AM IST

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