सरकारी बिजली बनाने वाली कंपनी NTPC ने मंगलवार, 18 फरवरी 2025 को वित्तीय वर्ष 2025 के लिए अपने शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त 2,424 करोड़ रुपये का अंतरिम डिविडेंड दिया है। यह डिविडेंड नवंबर 2024 में दिए गए पहले अंतरिम डिविडेंड के अतिरिक्त है, जो भी 2,424 करोड़ रुपये था। यह 2,424 करोड़ रुपये का डिविडेंड कंपनी की चुकता शेयर पूंजी का 25 प्रतिशत है।
कंपनी ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 8,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया गया है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सितंबर 2024 में भुगतान किया गया 3,152 करोड़ रुपये का अंतिम डिविडेंड भी शामिल है। यह 32वां लगातार साल है जब NTPC ने डिविडेंड दिया है।
बिजली मंत्रालय के अधीन NTPC भारत की सबसे बड़ी एकीकृत पावर यूटिलिटी है और देश की कुल बिजली जरूरतों का एक चौथाई हिस्सा आपूर्ति करता है। कंपनी की स्थापित क्षमता 77 गीगावॉट से अधिक है, और 29.5 गीगावॉट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 9.6 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता भी शामिल है। कंपनी का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। साथ ही NTPC ने ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंपेड हाइड्रो स्टोरेज, वेस्ट-टू-एनर्जी, न्यूक्लियर पावर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे कई नए व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कदम रखा है।
गौरतलब है कि NTPC के शेयरों में आज बाजार में गिरावट के बावजूद तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर NTPC के शेयर 3.19 प्रतिशत चढ़कर 312.00 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। NTPC के शेयरों में यह उछाल तब आया जब खबरें आईं कि यह महारत्न कंपनी अगले 20 वर्षों में 30 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने की योजना बना रही है। यह लक्ष्य पहले तय किए गए 10 गीगावॉट से तीन गुना ज्यादा है और इसके लिए 62 अरब डॉलर (लगभग 5.14 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, NTPC पहले 10 गीगावॉट न्यूक्लियर क्षमता विकसित करने की योजना बना रही थी, लेकिन हाल ही में सरकार द्वारा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को विदेशी और निजी निवेश के लिए खोलने की घोषणा के बाद यह लक्ष्य तीन गुना कर दिया गया है।