खान-पान डिलिवरी के ऑर्डर पर फूड एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म – स्विगी के दो रुपये के नये प्लेटफॉर्म शुल्क पर पिछले सप्ताह इसे लागू किए जाने के बाद से ग्राहकों की नाराजगी दिखाई दे रही है, जिसे सभी उपयोगकर्ताओं पर लगाया गया था, ऑर्डर का मूल्य भले ही कुछ भी हो। इस कदम पर स्विगी के उपयोगकर्ताओं ने गुस्सा जाहिर किया है, जिन्होंने अपनी इस तकरार को आवाज देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।
एक नाराज ग्राहक महेश मोहन ने ट्वीट करते हुए कहा, वाऊ! स्विगी खाद्य डिलिवरी कंपनी नहीं है। यह फूड ट्रेडिंग कंपनी है, जो कम कीमत पर खान-पान खरीदती है और फिर उसे ज्यादा दामों पर बेचती है। और फिर उस पर वितरण शुल्क है। और अब वे प्लेटफॉर्म शुल्क भी लेना चाहते हैं।
इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए स्विगी के एक अन्य उपयोगकर्ता दिगांत भादुड़ी ने लिखा, स्विगी से ऑर्डर देना बंद करने का वक्त आ गया। पहले तो वे रेस्तरां से भारी कमीशन लेते हैं, फिर वे डिलिवरी शुल्क + सर्ज लेते हैं और अब प्लेटफॉर्म शुल्क।
बेंगलूरु और हैदराबाद के उपयोगकर्ताओं पर यह शुल्क लगाकर शुरुआत की जा रही है। हालांकि, ट्विटर पर कुछ उपयोकर्ताओं ने दावा किया है कि यह शुल्क चेन्नई में भी लागू है। इस बात के आसार हैं कि यह शुल्क, जो फिलहाल केवल खाद्य डिलिवरी के ऑर्डर पर ही लगाया गया है, कंपनी की क्विक कॉमर्स शाखा इंस्टामार्ट के ऑर्डरों पर नहीं, का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया जा सकता है।
एक ट्वीट में अमितेश राउत ने सवाल किया कि स्विगी भोजन के लिए पहले से ही रेस्तरां द्वारा वसूली जाने वाली राशि से ज्यादा पैसा लेती है, फिर डिलिवरी शुल्क और अब एक नया प्लेटफॉर्म शुल्क। यह प्लेटफॉर्म शुल्क किस बात के लिए, आपकी आप का इस्तेमाल करने के लिए?
यहां तक कि स्विगी वन, जो कंपनी की ऐसी सदस्यता पेशकश है, जहां ग्राहकों को डिलिवरी शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता है, के उपयोगकर्ताओं के लिए भी प्लेटफॉर्म शुल्क का भुगतान जरूरी है। अंकित अग्रवाल ने कहा, मैं स्विगी वन के लिए मैंआपको पहले ही सदस्यता शुल्क का भुगतान कर चुका हूं। मुझे हर ऑर्डर के लिए प्लेटफॉर्म शुल्क का भुगतान करने की क्या जरूरत।