facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

10 अरब डॉलर की नकदी लेकर बैठे हैं वीसी- पीई फंड

Advertisement

अर्थ के दमानी यह कहते हैं कि 2021-2022 के दौरान जिस तेजी से सौदे निपटाए जा रहे थे, वह टिकाऊ नहीं था।

Last Updated- December 25, 2023 | 2:51 PM IST
Private Equity
Representative Image

पिछले वर्षों में भारतीय स्टार्टअप में कॉरपोरेट प्रशासन में खामी के कई मसले भी सामने आए हैं, जिसकी वजह से निवेशक अब किसी निवेश पर निर्णय लेने से पहले वा​णि​ज्यिक और वित्तीय जांच-पड़ताल पर ज्यादा समय लगा रहे हैं।

वृदि्ध चरण की निवेश फर्म फंडामेंटम पार्टनर​शिप के सह-संस्थापक और जनरल पार्टनर आशीष कुमार कहते हैं, ‘किसी सौदे को कारगर रूप लेने में लगने वाला समय अब करीब 60 फीसदी तक बढ़ गया है। कानूनी और वित्तीय जांच-पड़ताल पर लगने वाला समय पहले के करीब दो महीने से बढ़कर अब तीन से चार महीने हो गया है।’

अर्थ के दमानी यह कहते हैं कि 2021-2022 के दौरान जिस तेजी से सौदे निपटाए जा रहे थे, वह टिकाऊ नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘मेरे अनुभव के मुताबिक कम से कम जांच-पड़ताल के साथ तेजी से निवेश मानक नहीं था। अब हम यह देख रहे हैं कि ज्यादा पारंपरिक तरीके से सौदे 3 से 6 महीने में निपटाए जा रहे हैं, जिनमें कि ज्यादा गहराई से जांच-पड़ताल होती है। ’

स्टार्टअप की फंडिंग कम हो रही है, लेकिन निवेशकों का उत्साह कम नहीं है। कुछ निवेशकों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि अब कंपनियां वृदि्ध की जगह मुनाफा कमाने की क्षमता और मार्जिन में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे कि निवेशकों की धारणा भी मजबूत हुई है।

आशीष कुमार कहते हैं, ‘हम बहुत सक्रिय हैं। हमें लगता है कि यह पूंजी को लगाने का बेहतर समय है। कंपनियों के बुनियादी आंकड़ों में सुधार हुआ है, मूल्यांकन ज्यादा यथार्थवादी हुआ है और कंपनियां वास्तव में कुछ गंभीर अंतर कर सकने में सक्षम हुई हैं। ’

अब साल का अंत होने को है, ऐसे में कई पुराने वीसी फंड अपने फंड चक्र को भी समाप्त करने के करीब हैं। साल 2024 आईपीओ या अ​धिग्रहण के लिहाज से बेहतर हो सकता है। मजबूत आ​र्थिक दशाओं की वजह से ओला इलेक्ट्रिक, ओयो, पेयू, गरुड़ एरोस्पेस जैसी कई कंपनियां अगले साल आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं।

Advertisement
First Published - December 25, 2023 | 2:14 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement