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Raymond के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, 87 की उम्र में ली आखिरी सांस

रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की उम्र में निधन, उद्योग और एविएशन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 29, 2026 | 9:41 AM IST

Vijaypat Singhania Passes Away: रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। परिवार के अनुसार उन्होंने मुंबई में शांति से अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खबर की पुष्टि की।

अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का समय

परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अंतिम दर्शन के लिए सभा रविवार 29 मार्च 2026 को दोपहर 1:30 बजे हवेली, एलडी रुपारेल मार्ग, मुंबई में आयोजित की जाएगी। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे चंदनवाड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार ने सभी रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों से अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित होने का अनुरोध किया है।

परिवार का भावुक संदेश

सिंघानिया परिवार ने शोक संदेश में उन्हें एक दूरदर्शी नेता, समाजसेवी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया। परिवार ने भगवद गीता का श्लोक “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन, मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि” का उल्लेख करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

रेमंड ग्रुप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया

विजयपत सिंघानिया देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल थे। उन्होंने करीब 20 साल तक रेमंड ग्रुप का नेतृत्व किया और कंपनी को सूटिंग फैब्रिक और मेन्सवियर के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने उत्पादन, रिटेल और निर्यात में तेजी से विस्तार किया।

एविएशन के प्रति खास लगाव

विजयपत सिंघानिया को उड़ान और एडवेंचर का गहरा शौक था। वह एक प्रशिक्षित पायलट थे और उन्होंने हॉट एयर बैलून से सबसे ज्यादा ऊंचाई तक पहुंचने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस उपलब्धि से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

पद्म भूषण से सम्मानित

उनके उद्योग और समाज के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वह मुंबई के शेरिफ भी रह चुके थे, जो उनके सामाजिक योगदान को दर्शाता है।

बेटे को सौंपी कंपनी की कमान

साल 2000 में विजयपत सिंघानिया ने रेमंड ग्रुप की जिम्मेदारी अपने बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी थी। उन्होंने अपनी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेटे को ट्रांसफर कर दी थी। बाद के वर्षों में पिता और बेटे के बीच कानूनी विवाद सामने आए थे, लेकिन बाद में दोनों ने आपसी सहमति से मतभेद खत्म कर लिए।

– पीटीआई इनपुट के साथ

First Published : March 29, 2026 | 9:41 AM IST