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पश्चिम एशिया संकट के बावजूद Yamaha Motor India का दोपहिया उद्योग पर दीर्घकालिक असर नहीं, महंगी श्रेणी पर फोकस जारी

यामाहा मोटर इंडिया का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट का दोपहिया उद्योग पर दीर्घकालिक असर नहीं होगा, कंपनी महंगी श्रेणी और ईवी पर फोकस जारी रखेगी।

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शाइन जेकब   
Last Updated- March 23, 2026 | 7:51 AM IST

हजिमे आओटा ने जनवरी में यामाहा मोटर इंडिया ग्रुप के चेयरमैन का पदभार संभाला। कंपनी के चेन्नई कार्यालय में शाइन जेकब के साथ बातचीत में आओटा ने उस कार्य योजना के संबंध में चर्चा की, जो सामान्य बाजार के बजाय बेहतर प्रदर्शन वाली श्रेणी पर केंद्रित है। साथ ही साथ पुनर्गठन के प्रयासों, इलेक्ट्रिक वाहनों की (ईवी) रणनीति और भारतीय वाहन क्षेत्र पर भू-राजनीति के असर पर चर्चा हुई। संपादित अंश …

भारत जैसे जटिल बाजार के नेतृत्व करने के संबंध में आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?

पिछले पांच से छह वर्षों में हम अधिक महंगी श्रेणी पर ध्यान केंद्रित करने के बाद बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। इसका मतलब है कि हम बिक्री की दौड़ में नहीं है, हम लाभ की दौड़ में हैं। मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता भारतीय परिचालन का लाभ है। ऐसा करने के लिए हमारे पास दो विकल्प हैं। एक, अधिक आकर्षक मॉडल बनाना और विनिर्माण के संबंध में लागत में कमी के लिए पर्याप्त क्षमता होना। इसका मतलब है कि हमें मध्य से दीर्घकालिक अवधि में निवेश करना होगा। मेरा ध्यान मानव पूंजी पर भी है और यह बाजार हर साल दो करोड़ से अधिक दोपहिया वाहनों का उत्पादन करता है। अगर आप जापान के बाजार को देखें, तो आपको सड़कों पर बहुत कम मोटरसाइकलें चलती हुई दिखेंगी।

साल 2018-19 में आपने महंगी श्रेणी पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया था जब आपकी कंपनी मश्किल दौर में थी। अलबत्ता महंगी श्रेणी में दमदार प्रदर्शन के जरिये आप अब राजस्व के लिहाज से बेहतर स्थिति में हैं। भविष्य में आपकी कार्य-योजना क्या है?

मेरे प्रबंधन का लक्ष्य महंगी श्रेणी पर ध्यान केंद्रित करना और नया बाजार बनाना था। अब हमारे पास महंगी श्रेणी वाला क्षेत्र है और हर कोई इस श्रेत्र में प्रवेश कर रहा है। पहले हमने हिम्मत करके इस श्रेणी में कदम रखा था। यामाहा के लिए चुनौती अपनी महंगी श्रेणी को बढ़ाना और वह मॉडल लाना है जो ग्राहक चाहते हैं। हमें यह पता लगाना होगा कि भारतीय ग्राहकों की पसंद क्या है। इसके लिए मुझे एक ही जगह पर बड़ी रकम लगानी होगी

आक्रामक स्टार्टअप कंपनियों से प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर भारत में आपकी ईवी और हाइब्रिड रणनीति क्या है?

भारत में आने वाला पहला मॉडल यामाहा ईसी-06 होगा, जिसे हम शुरुआत में सीमित शहरों और डीलरशिप में बेचेंगे, क्योंकि मुझे अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए उचित सर्विस संरचना की जरूरत है। दूसरा एरोक्स ई है, जो महंगा है, क्योंकि हम ऐसे ग्राहकों को विकसित करना चाहते हैं जो खुद को अन्य मॉडलों से अलग करना चाहते हैं। अधिक मॉडलों की अपेक्षा की जाती है।

आप पश्चिम एशिया संकट का दोपहिया उद्योग पर कैसा असर देख रहे हैं?

मेरे लिए सबसे बड़ा असर ब्याज दरों में संभावित वृद्धि होगी, क्योंकि मेरे ग्राहकों के लिए वित्तीय सहायता की प्रतिस्पर्धी क्षमता कम होगी। इससे मांग कुछ कम हो सकती है। वित्तीय सहायता के अलावा गैस की कीमतों में वृद्धि का मोटरसाइकलों की खरीद पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कच्चे माल के संबंध में मेरी चिंता एल्युमीनियम है। हम बाहर से काफी ज्यादा एल्यूमीनियम स्क्रैप खरीदते हैं और इसलिए इसकी कीमतें बढ़ सकती हैं। इसी तरह बॉक्साइट भी प्रभावित हो सकता है। अन्य प्रभाव माल ढुलाई की लागत पर होगा। मेरा मानना है कि यह असर दीर्घकालिक नहीं होगा।

First Published : March 23, 2026 | 7:51 AM IST