इनवीडियो के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी संकेत शाह ने कहा कि फिल्म मेकिंग से जुड़े छात्रों को एआई टूल्स की और ज्यादा ट्रेनिंग दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने यह बात व्हिसलिंग वुड्स इंटरनैशनल की एआई लैब के उद्घाटन के मौके पर कही। इस लैब को संस्थान ने बुधवार को एआई-आधारित वीडियो क्रिएशन प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर शुरू किया है।
शाह ने बिजनेस स्टैंडर्ड को एक साक्षात्कार में बताया, ‘इन सभी छात्रों (फिल्म मेकिंग) के पास एआई फ्लाइट (ट्रेनिंग) आवर्स होने चाहिए। जब छात्र इंडस्ट्री में जाएंगे, तो लोग कई कामों के लिए एआई का इस्तेमाल करेंगे। सबसे जरूरी बात है एआई फ्लाइट आवर्स (एआई के साथ काम करने का अनुभव) होना। आज ऐसे टैलेंट को ढूंढना मुश्किल है जिसके पास एआई फ्लाइट (ट्रेनिंग) आवर्स का अनुभव हो।’
शाह ने कहा कि फिल्म मेकिंग में एआई की ट्रेनिंग लेने वाले छात्रों को बहुत आसानी से और बहुत ज्यादा सैलरी वाली नौकरी मिल जाएगी, क्योंकि हर जगह एआई के साथ फिल्म मेकिंग का प्रशिक्षण पाने वालों की कमी है। शाह ने कहा कि सुभाष घई द्वारा वित्त पोषित इस संस्थान की इनवीडियो के साथ वाणिज्यिक भागीदारी नहीं है। जब साझेदारी के आर्थिक पहलू के बारे में पूछा गया, तो शाह ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अभी तो बस प्यार है। कोई कमर्शियल पार्टनरशिप नहीं है।’
जब छात्रों के नतीजों को मापने के तरीकों के बारे में पूछा गया, तो व्हिसलिंग वुड्स इंटरनैशनल के उपाध्यक्ष, मुख्य तकनीकी अधिकारी और इमर्जिंग मीडिया हेड चैतन्य चिंचलिकर ने कहा, ‘इसमें प्रोसेस असेसमेंट और डिसीजन-मेकिंग असेसमेंट होगा।’ चिंचलिकर ने कहा, ‘एआई में नैतिक जोखिमों की छह मुख्य श्रेणियां हैं। हमारे पास इन सभी छह श्रेणियों में एआई से जुड़े जोखिमों का आकलन करने के लिए एक इन-हाउस तरीका है। हमारी एक आंतरिक एआई टीम है जो इन सभी चीजों पर नजर रखती है और यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करती है कि हम उन सभी जोखिमों को कम कर सकें।’