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Yes Bank का बड़ा ऐलान, ₹16,000 करोड़ जुटाने की मंजूरी; SBI समेत कई बैंकों से SMBC खरीदेगा हिस्सेदारी

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Yes Bank: आमतौर पर इस तरह की पूंजी जुटाने की कवायद का उद्देश्य पूंजी पर्याप्तता सुधारना, भविष्य की वृद्धि को समर्थन देना और लेंडिंग क्षमता को बढ़ाना होता है।

Last Updated- June 04, 2025 | 10:06 AM IST
Yes Bank

प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक (Yes Bank) ने 16,000 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाने का ऐलान किया है। यह फंड इक्विटी और डेट दोनों साधनों का मिश्रण होगा। यह फैसला 3 जून की देर शाम बैंक की बोर्ड बैठक में लिया गया।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, बैंक 7,500 करोड़ रुपये तक की राशि इक्विटी इश्यू और 8,500 करोड़ रुपये तक की राशि डेट इंस्ट्रूमेंट्स (भारतीय या विदेशी मुद्रा में) के जरिये जुटाएगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि कुल इक्विटी डाइल्यूशन (यहां तक कि डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन सहित) 10 फीसदी से अधिक नहीं होगा।

हालांकि, बैंक ने फंड के उपयोग को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं दी है। लेकिन आमतौर पर इस तरह की पूंजी जुटाने की कवायद का उद्देश्य पूंजी पर्याप्तता सुधारना, भविष्य की वृद्धि को समर्थन देना और लेंडिंग क्षमता को बढ़ाना होता है।

यह भी पढ़ें…Defence और Metal Stock समेत इन 3 शेयरों को BUY की सलाह, एक्सपर्ट ने दिये TGT-SL; बताई Nifty Strategy

Yes Bank: 20% हिस्सेदारी खरीदेगी एसएमबीसी

यह फंड रेजिंग जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) के साथ हुए महत्वपूर्ण शेयर खरीद सौदे के बाद सामने आई है। जिसमें एसएमबीसी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। यह हिस्सेदारी आठ मौजूदा शेयरधारकों से ली जा रही है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से 13.19% और शेष सात अन्य बैंकों (जैसे HDFC, ICICI, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक आदि) से कुल मिलाकर 6.81% हिस्सेदारी शामिल है।

बता दें कि 13,480 करोड़ रुपये का यह सौदा भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा क्रॉस-बॉर्डर मर्जर और एक्विजिशन सौदा माना जा रहा है। एसएमबीसी और एसबीआई के अधिकारों को संरक्षित रखने के लिए यस बैंक ने 9 मई, 2025 को हुए शेयर खरीद समझौते के तहत अपने आर्टिकल्स ऑफ़ एसोसिएशन (AoA) में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत एसएमबीसी के लिए 10 फीसदी और SBI के लिए 5 फीसदी की ओनरशिप सीमा पर यह अधिकार आधारित होंगे।

फंड रेजिंग और आर्टिकल्स ऑफ़ एसोसिएशन में संशोधन को अब शेयरधारकों की मंजूरी और आरबीआई समेत अन्य रेगुलेटरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बैंक ने कहा है कि ये प्रस्ताव ‘इनेबलिंग इन नेचर’ (enabling in nature) हैं। यानी बाजार की स्थितियों के अनुसार लचीलापन बनाए रखने के लिए तैयार किए गए हैं।

इस बीच, एक दिन पहले बड़ी गिरावट के बाद बीएसई पर यस बैंक के शेयर बुधवार को 21.18 पर खुले। हालांकि, बाद में इसमें गिरावट आ गई। सुबह 9:54 बजे यह अंक 0.07 रुपये या 0.34% की गिरावट लेकर 20.78 रुपये पर थे।

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First Published - June 4, 2025 | 10:01 AM IST

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