Zee Entertainment और उनके CEO पुनीत गोयनका के लिए बुरी खबर है। SEBI ने LODR नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में उनकी सेटलमेंट अर्जी खारिज कर दी है। साथ ही, SEBI ने जांच का दायरा और बड़ा कर दिया है, जिसमें Zee के पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा भी शामिल हैं।
क्या है मामला?
जुलाई 2022 में SEBI ने Zee और पुनीत गोयनका को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। आरोप था कि कंपनी ने लिस्टिंग नियमों का उल्लंघन किया है। इस मामले में Zee ने सेटलमेंट के लिए आवेदन दिया, लेकिन SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों (Whole Time Members) ने इसे खारिज कर दिया।
अब SEBI ने नई जांच शुरू करने का फैसला लिया है। पिछले नोटिस में लगे आरोप और जांच रिपोर्ट को नई कार्रवाई का हिस्सा बनाया जाएगा।
पुराने आरोपों की फेहरिस्त
अगस्त 2023: SEBI ने सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका को Zee समेत 4 ग्रुप कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया।
जून 2023: Essel Group की कंपनी Shirpur Gold Refinery से फंड डायवर्जन और धोखाधड़ी के आरोप लगे।
Sony के साथ Zee का मर्जर परवान नहीं चढ़ा
SEBI की इस कार्रवाई के कारण Zee और Sony के भारतीय यूनिट के बीच 10 अरब डॉलर का मर्जर अधर में लटक गया। SEBI की जांच में फंड डायवर्जन का मामला सामने आया, जिसमें ₹2,000 करोड़ का लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) शामिल था। बाद में ₹4,210 करोड़ का एक और LoC जांच के दायरे में आया।
क्या होगा आगे?
SEBI का कहना है कि नई जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर SEBI Act 1992 की धारा 11B के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, Securities Appellate Tribunal (SAT) ने पुनीत गोयनका को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन संकट अभी टला नहीं है।