जोमैटो (Zomato) ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि उसने 2 अरब डॉलर में डिलीवरी प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट (Shiprocket) के अधिग्रहण की पेशकश की है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में इस खबर को “गलत” बताया।
फाइलिंग में, कंपनी ने कहा, “मेनस्ट्रीम मीडिया में इस तरह की खबर चल रही है कि जोमैटो ने शिपरॉकेट के अधिग्रहण के लिए 2 अरब डॉलर की पेशकश की है।”
फाइलिंग में आगे कहा गया है, “हम इस बयान का खंडन करते हैं और निवेशकों को बाजार में चल रही ऐसी गलत खबरों के प्रति आगाह करना चाहते हैं। हम अपने मौजूदा व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इस समय किसी भी अधिग्रहण की कोई योजना नहीं है।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने भी इस रिपोर्ट का खंडन किया।
Clarification on news articles related to acquisition of Shiprocket —
We have noticed that there are certain news articles circulating in the mainstream media with the subject “Zomato offers to acquire Shiprocket for $2 billion”. We deny this statement and would like to caution…
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) December 21, 2023
उन्होंने एक्स पर लिखा, “कृपया ध्यान दें कि कंपनी मीडिया अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती है, लेकिन समाचार लेख में उल्लिखित सौदे के बड़े आकार और इससे बाजार में पैदा होने वाली अनिश्चितता को देखते हुए, अत्यधिक सावधानी से इस जानकारी को स्पष्ट कर रही है।”
इस सप्ताह की शुरुआत में, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जोमैटो ने शिपरॉकेट का अधिग्रहण करने की पेशकश की थी। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि “कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।’’
जोमैटो पहले से ही शिपरॉकेट में निवेशक है। 2021 में, इसने 18.5 करोड़ डॉलर की सीरीज ई फंडिंग के दौरान शिपरॉकेट में हिस्सेदारी खरीदी थी। इस राउंड में टेमासेक और लाइटरॉक इंडिया की भी भागीदारी देखी गई।