अर्थव्यवस्था

खाद्य और ईंधन महंगे, मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% पर पहुंची

भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मार्च 2026 में महंगाई दर फरवरी की तुलना में अधिक थी

Published by
हिमांशी भारद्वाज   
Last Updated- April 14, 2026 | 12:00 AM IST

खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण देश में खुदरा महंगाई दर मार्च में बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों से यह पता चलता है।

मार्च में आए आंकड़े अद्यतन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रृंखला के तीसरे आंकड़े हैं। अगर एनएसओ द्वारा जारी पिछली श्रृंखला के आंकड़ों से तुलना की जाए तो महंगाई दर 13 महीने के उच्च स्तर पर है। इलके पहले मार्च 2025 में महंगाई दर इससे अधिक 3.56 प्रतिशत पर थी।

भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मार्च 2026 में महंगाई दर फरवरी की तुलना में अधिक थी। एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक सीपीआई (ग्रामीण) 3.63 प्रतिशत रही, जो फरवरी में 3.37 प्रतिशत थी। इसी तरह से शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई मार्च में बढ़कर 3.11 प्रतिशत हो गई, जो इसके पहले महीने में 3.03 प्रतिशत थी।

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्स में डायरेक्टर मेघा अरोरा ने कहा कि एजेंसी को उम्मीद है कि अप्रैल में महंगाई बढ़कर 3.8 प्रतिशत हो जाएगी और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यह रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के अनुमान से भी थोड़ी ऊपर चली जाएगी। इसकी वजह ऊर्जा की अधिक कीमतें हैं, जिनका बोझ आखिरकार ग्राहकों पर पड़ेगा। साथ ही इनपुट और ढुलाई की बढ़ी लागत और सोने चांदी की कीमतों का भी इस पर असर होगा।

मार्च में खाद्य महंगाई बढ़कर 3.87 प्रतिशत हो गईष जो फरवरी में 3.47 प्रतिशत थी।

First Published : April 14, 2026 | 12:00 AM IST