अर्थव्यवस्था

डीजल और हवाई ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी, पेट्रोल पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं

वैश्विक तेल संकट को देखते हुए सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है ताकि देश में ईंधन की कमी न हो और कीमतें काबू में रहें

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 11, 2026 | 7:27 PM IST

सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस फैसले के की जानकारी वित्त मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक नोटिफिकेशन के माध्यम से दी। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीजल पर निर्यात शुल्क अब 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 55.5 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह ATF पर ड्यूटी 29.5 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर अभी भी कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

ये बदलाव 11 अप्रैल को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए और तुरंत लागू हो गए। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार को लगता है कि ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं जिनमें तुरंत कदम उठाना जरूरी हो गया। ये संशोधन सेंट्रल एक्साइज एक्ट 1944 और फाइनेंस एक्ट की धाराओं के तहत किए गए हैं।

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क्यों लिया गया यह फैसला?

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है। ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े संघर्ष के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास सप्लाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार ने डीजल पर ड्यूटी में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की है ताकि देश में डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और निर्यात ज्यादा न हो। सरकार का कहना है कि इसका मकसद घरेलू बाजार की सप्लाई को पहले रखना है, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें तेजी से बढ़ रही हों। 

First Published : April 11, 2026 | 7:23 PM IST