RBI ने बुधवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा (RBI Monetary Policy review) में रीपो दर में 0.35 की और वृद्धि की।
मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं-
- रीपो दर 0.35 फीसदी बढ़कर 6.25 फीसदी हुई।
- चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी किया गया।
- महंगाई मार्च तिमाही में घटकर छह फीसदी से नीचे आएगी। चालू वित्त वर्ष में कुल मिलाकर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान।
- अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। देश तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
- वैश्विक स्तर पर लंबे समय से जारी तनाव से परिदृश्य के समक्ष सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक मंदी और वैश्विक वित्तीय स्थिति का कड़ा होना है।
- महंगाई के खिलाफ अभी कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति की उभरती स्थिति पर ‘अर्जुन की आंख’ की तरह नजर रखेगा।
- डॉलर में मजबूती के साथ अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव सीमित है।
- चालू खाते का घाटा प्रबंधन योग्य, विदेशी मुद्रा भंडार 551.2 अरब डॉलर के संतोषजनक स्तर पर।
- बैंकों में नकदी की स्थिति अधिशेष स्तर पर।
- रबी मौसम में बुआई अबतक सामान्य बुआई रकबे से 6.8 फीसदी अधिक।
- गैर-खाद्य कर्ज अप्रैल-नवंबर में बढ़कर 10.6 लाख करोड़ रुपये। एक साल पहले यह 1.9 लाख करोड़ रुपये था।
- UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) जल्दी ही ग्राहकों को किसी उद्देश्य विशेष के लिये खाते में अपनी राशि को ‘ब्लॉक’ करने की अनुमति देगा।
First Published : December 7, 2022 | 1:25 PM IST