प्रवासी भारतीयों की अप्रैल-फरवरी 2026 के दौरान अनिवासी भारतीय (एनआरआई) की जमा योजनाओं में जमा की गई धनराशि में 24.17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर लगभग 11.04 अरब डॉलर रह गई। हालांकि वर्ष 2025 की इसी अवधि के दौरान यह धनराशि 14.56 अरब डॉलर थी।
फरवरी, 2026 के अंत तक कुल बकाया एनआरआई जमा राशि 167.58 अरब डॉलर थी। हालांकि फरवरी, 2025 में बकाया एनआरआई जमा राशि 160.34 अरब डॉलर और जनवरी, 2026 में 165.87 अरब डॉलर थी। एनआरआई जमा योजनाओं में विदेशी मुद्रा अनिवासी (एफसीएनआर) जमा योजना, अनिवासी बाह्य (एनआरई) जमा योजना और अनिवासी साधारण (एनआरओ) जमा योजना शामिल हैं।
अप्रैल-फरवरी 2026 की अवधि के दौरान एफसीएनआर (बैंक) या एफसीएनआर (बी) जमा में प्रवाह घटकर 0.91 अरब डॉलर रह गया जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 6.76 अरब डॉलर था। फरवरी में एफसीएनआर (बी) खातों में बकाया राशि बढ़कर 33.72 अरब डॉलर हो गई। एफसीएनआर (बी) खाता ग्राहकों को भारत में स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय विदेशी मुद्राओं में एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए सावधि जमा रखने की सुविधा देता है।
दरअसल, यह खाता विदेशी मुद्रा में रखा जाता है। इसलिए यह जमा की अवधि के दौरान मुद्रा के उतार-चढ़ाव से निधियों को सुरक्षित रखता है। फरवरी, 2025 में बकाया राशि 32.49 अरब डॉलर थी।
एनआरई जमा में इस वर्ष 5.19 अरब डॉलर का प्रवाह देखा गया जबकि एक वर्ष पहले की इसी अवधि में यह 4.01 अरब डॉलर था। फरवरी 2026 में बकाया एनआरई जमा राशि 99.77 अरब डॉलर थी। फरवरी 2025 में यह 97.94 अरब डॉलर थी।