दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दर में वृद्घि किए जाने और यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा बॉन्ड की खरीद कम किए जाने के बाद बाजारों और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति एक नई चिंता के तौर पर उभर कर सामने आ गई है। यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमत में तेज वृद्घि, […]
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भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े क्षेत्र, सेवा क्षेत्र में सितंबर माह में गतिविधियां अगस्त की तुलना में धीमी रहीं और आईएचएस मार्किट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सर्वे सूचकांक अगस्त के 56.7 से गिरकर सितंबर में 55.2 रह गया। यह गिरावट इस तथ्य के बावजूद आई कि राज्यों ने कोविड के कारण लगे प्रतिबंधों को शिथिल […]
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कोविड-19 महामारी आने के बाद से ही कारोबारी परिदृश्य डांवाडोल होने से बड़े पैमाने पर कार्यस्थल से दूर रहते हुए काम करने के इंतजाम और नकदी की किल्लत होने से कारोबारी गतिविधियों को नियम-अनुपालन पर तरजीह दी जाती रही है लेकिन आने वाले समय में यह कई तरह की धांधली का भी सबब बन सकता […]
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मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए संभावनाएं बेहतर दिख रही हैं इसलिए उसने देश की सॉवरिन रेटिंग की संभावना ऋणात्मक से बदलकर स्थिर कर दी है। मगर उसने विदेशी और घरेलू दोनों मुद्राओं पर रेटिंग पहले की तरह निम्न निवेश स्तर पर रखी है। विशेषज्ञों ने कहा कि इससे भारतीय प्रतिभूतियों में विदेशी […]
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शार्दूल अमरचंद और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने नीति आयोग को हाल में सौंपे अपने एक अध्ययन पत्र में डिजिटल सेवाओं पर कर लगाने के लिए आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के बहुपक्षीय दृष्टिकोण के पक्ष में तर्क दिए हैं। डिजिटल कंपनियों पर कराधान के विषय पर दुनिया के देशों के बीच शुक्रवार तक […]
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कोविड-19 के मामले में कमी आने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों के साप्ताहिक संकेतकों ने ताजा सप्ताह के लिए मिले-जुले रुझान दिखाए हैं। बिजली उत्पादन जैसे कुछ संकेतकों ने पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया जबकि माल ढुलाई के आंकड़ों में कम वृद्धि दिखी। कोविड-19 के मामले पर नजर रखने वाली एक ‘कोविड-19 इंडिया […]
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कोविड-19 के प्रतिबंधों में ढील के बाद मांग बढऩे की वजह से सितंबर में विनिर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं। हालांकि कच्चे माल के भंडारण और ईंधन की लागत बढऩे के कारण कीमतों को लेकर दबाव बढ़ा है। आईएचएस मार्किट का विनिर्माण का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सितंबर में बढ़कर 53.7 पर पहुंच गया, जो अगस्त […]
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सितंबर महीने में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत और कोविड के पहले के वर्ष 2019-20 के समान महीने की तुलना में 27.3 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त मंत्रालय को उम्मीद है कि यह सकारात्मक धारणा जारी रहेगी और […]
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नई परियोजनाओं में उल्लेखनीय तेजी का अभी इंतजार है। सितंबर तिमाही में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में नई परियोजनाएं मूल्य के आधार पर 59.3 प्रतिशत कम हुई हैं। मार्च, 2021 तिमाही की तुलना में यह 58.3 प्रतिशत कम है। पूरी हो चुकी परियोजनाएं पिछले साल की तुलना में 9 प्रतिशत और पिछली […]
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मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रह्मण्यन ने भारत में सुधार की प्रक्रिया और देश के संकट को अवसर में बदलने की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दशक भारत की समावेशी वृद्धि का दशक होगा तथा इस दौरान मजबूत आर्थिक बुनियाद के दम पर यह सालाना 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करेगा। […]
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