अर्थव्यवस्था

पंचायती राज मंत्रालय की बड़ी सिफारिश: ग्राम पंचायतों का वित्तीय डेटा मजबूत करने के लिए बने स्थायी प्रकोष्ठ

पंचायती राज मंत्रालय ने ग्राम पंचायतों के वित्तीय डेटा को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्यों में स्थायी एसएफसी प्रकोष्ठ बनाने की सिफारिश की है

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अहोना मुखर्जी   
Last Updated- June 08, 2026 | 10:25 PM IST

पंचायती राज्य मंत्रालय ने स्थानीय निकायों की लेखांकन प्रक्रियाओं के मानकीकरण के लिए स्थायी राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) प्रकोष्ठ बनाने की सिफारिश की है। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर वित्तीय डेटाबेस मजबूत होगा। यह जानकारी राज्य वित्त आयोगों के लिए डेटासेट की समिति की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

‘राज्य वित्त आयोगों के लिए डेटासेट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में एसएफसी के लिए एक समान रिपोर्टिंग प्रारूप, ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को हस्तांतरण का विवरण देने वाला पूरक बजट दस्तावेज और सांख्यिकी मंत्रालय के सहयोग से पंचायत स्तर के आंकड़ों की अधिक उपलब्धता का भी प्रस्ताव पेश किया गया है।

समिति ने प्रमुख प्रस्तावों में राज्य सरकारों में समर्पित एसएफसी प्रकोष्ठों की स्थापना का सुझाव दिया है ताकि राजकोषीय और संस्थागत आंकड़ों को बनाए रखा जा सके। इसने स्थानीय राजस्व जुटाने की क्षमता के रुझान विश्लेषण और आकलन में सहायता के लिए ग्राम पंचायत वित्त के व्यापक समय-श्रृंखला डेटाबेस बनाने का भी आह्वान किया।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने रिपोर्ट के विमोचन के अवसर पर कहा कि राजकोषीय विकेंद्रीकरण की प्रभावशीलता विश्वसनीय और समय पर उपलब्ध आंकड़ों पर निर्भर करती है।

नागेश्वरन ने कहा, ‘पंचायती राज संस्थाओं का मिलने वाले कोष का नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (सीएजी) से ऑ़डिट कराने से कामकाज में सुधार होगा।’

First Published : June 8, 2026 | 10:19 PM IST