facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पंचायती राज मंत्रालय की बड़ी सिफारिश: ग्राम पंचायतों का वित्तीय डेटा मजबूत करने के लिए बने स्थायी प्रकोष्ठ

Advertisement

पंचायती राज मंत्रालय ने ग्राम पंचायतों के वित्तीय डेटा को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्यों में स्थायी एसएफसी प्रकोष्ठ बनाने की सिफारिश की है

Last Updated- June 08, 2026 | 10:25 PM IST
v anantha nageswaran
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन | फाइल फोटो

पंचायती राज्य मंत्रालय ने स्थानीय निकायों की लेखांकन प्रक्रियाओं के मानकीकरण के लिए स्थायी राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) प्रकोष्ठ बनाने की सिफारिश की है। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर वित्तीय डेटाबेस मजबूत होगा। यह जानकारी राज्य वित्त आयोगों के लिए डेटासेट की समिति की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

‘राज्य वित्त आयोगों के लिए डेटासेट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में एसएफसी के लिए एक समान रिपोर्टिंग प्रारूप, ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को हस्तांतरण का विवरण देने वाला पूरक बजट दस्तावेज और सांख्यिकी मंत्रालय के सहयोग से पंचायत स्तर के आंकड़ों की अधिक उपलब्धता का भी प्रस्ताव पेश किया गया है।

समिति ने प्रमुख प्रस्तावों में राज्य सरकारों में समर्पित एसएफसी प्रकोष्ठों की स्थापना का सुझाव दिया है ताकि राजकोषीय और संस्थागत आंकड़ों को बनाए रखा जा सके। इसने स्थानीय राजस्व जुटाने की क्षमता के रुझान विश्लेषण और आकलन में सहायता के लिए ग्राम पंचायत वित्त के व्यापक समय-श्रृंखला डेटाबेस बनाने का भी आह्वान किया।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने रिपोर्ट के विमोचन के अवसर पर कहा कि राजकोषीय विकेंद्रीकरण की प्रभावशीलता विश्वसनीय और समय पर उपलब्ध आंकड़ों पर निर्भर करती है।

नागेश्वरन ने कहा, ‘पंचायती राज संस्थाओं का मिलने वाले कोष का नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (सीएजी) से ऑ़डिट कराने से कामकाज में सुधार होगा।’

Advertisement
First Published - June 8, 2026 | 10:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement