डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सिलसिला बना हुआ है। सरकार द्वारा सोने-चांदी के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने के फैसले से रुपये को मिलने वाले समर्थन पर आयातकों की ओर से डॉलर की मांग भारी पड़ी और रुपया आज नए निचले स्तर पर बंद हुआ।
रुपया सुबह के कारोबार में मजबूती के साथ 95.59 प्रति डॉलर पर खुला था मगर कारोबार के दौरान 95.80 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर को छू गया। कारोबार की समाप्ति पर रुपया 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। मंगलवार को रुपया 95.63 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड लगभग सपार्ट 7.05 फीसदी पर बंद हुई। डीलरों ने बताया कि कारोबार के अंत में आरबीआई द्वारा डॉलर की बिकवाली किए जाने से रुपये कुछ हद तक संभल गया। हालांकि इस मुद्रा बाजार में आरबीआई के दखल का मुख्य उद्देश्य रुपये में गिरावट को रोकना नहीं बल्कि बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करना था।
बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के लिए 96 का स्तर बेहद अहम है और गुरुवार को इस स्तर की परख हो सकती है। एक सरकारी बैंक के एक डीलर ने कहा, ‘कल (गुरुवार) रुपया 96 प्रति डॉलर के स्तर को छू सकता है।’
बीते एक साल में डॉलर के मुकाबले रुपया 10 फीसदी कमजोर हुआ है। अप्रैल में इसमें 0.94 फीसदी की नरमी आई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया में लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। तेल कंपनियों और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग मजबूत है, जिससे रुपये में कमजोरी दिख रही है।