facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रुपये में लगातार गिरावट से बढ़ी टेंशन, बाजार को अब 96 प्रति डॉलर का डर

Advertisement

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, विदेशी निवेशकों की निकासी और डॉलर की मजबूत मांग के कारण रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया है

Last Updated- May 14, 2026 | 11:04 AM IST
Indian rupee

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सिलसिला बना हुआ है। सरकार द्वारा सोने-चांदी के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने के फैसले से रुपये को मिलने वाले समर्थन पर आयातकों की ओर से डॉलर की मांग भारी पड़ी और रुपया आज नए निचले स्तर पर बंद हुआ।

रुपया सुबह के कारोबार में मजबूती के साथ 95.59 प्रति डॉलर पर खुला था मगर कारोबार के दौरान 95.80 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर को छू गया। कारोबार की समाप्ति पर रुपया 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। मंगलवार को रुपया 95.63 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड लगभग सपार्ट 7.05 फीसदी पर बंद हुई। डीलरों ने बताया कि कारोबार के अंत में आरबीआई द्वारा डॉलर की बिकवाली किए जाने से रुपये कुछ हद तक संभल गया। हालांकि इस मुद्रा बाजार में आरबीआई के दखल का मुख्य उद्देश्य रुपये में गिरावट को रोकना नहीं बल्कि बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करना था।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के लिए 96 का स्तर बेहद अहम है और गुरुवार को इस स्तर की परख हो सकती है। एक सरकारी बैंक के एक डीलर ने कहा, ‘कल (गुरुवार) रुपया 96 प्रति डॉलर के स्तर को छू सकता है।’

बीते एक साल में डॉलर के मुकाबले रुपया 10 फीसदी कमजोर हुआ है। अप्रैल में इसमें 0.94 फीसदी की नरमी आई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया में लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। तेल कंपनियों और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग मजबूत है, जिससे रुपये में कमजोरी दिख रही है।

Advertisement
First Published - May 14, 2026 | 11:04 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement