Puducherry Election Result 2026
Puducherry election results 2026: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की मतगणना में ताजा रुझान सामने आ गए हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार 30 सदस्यीय विधानसभा की 24 सीटों के नतीजे और रुझान जारी हो चुके हैं, जिनमें सत्ताधारी एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (AINRC) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है और 1 सीट पर आगे है, यानी कुल 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बीजेपी ने 2 सीटें जीत ली हैं और 2 सीटों पर आगे चल रही है, इस तरह उसके खाते में कुल 4 सीटें आती दिख रही हैं।
डीएमके ने 1 सीट जीत ली है और 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस के खाते में फिलहाल 1 सीट गई है। एआईएडीएमके ने 1 सीट जीत ली है। वहीं एलजेके और एनवाईएमके एक-एक सीट पर आगे चल रही हैं।
सबसे दिलचस्प प्रदर्शन निर्दलीय उम्मीदवारों का रहा है। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
इसके अलावा अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) भी 1 सीट पर आगे चल रही है, जबकि लछिय जननायक कचि (LJK) भी 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। इस तरह नए और छोटे दलों ने भी इस चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
कुल मिलाकर 24 सीटों के रुझानों में एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जिसमें AINRC और बीजेपी मिलकर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि बाकी 6 सीटों के अंतिम नतीजे अभी आना बाकी हैं, जो सरकार बनाने की तस्वीर को और साफ करेंगे।
बहुमत के लिए 30 सदस्यीय विधानसभा में 16 सीटों की जरूरत है, और मौजूदा रुझानों में एनडीए इस आंकड़े के करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव को लेकर आए अधिकतर एग्जिट पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की वापसी की संभावना जताई गई है। इन सर्वेक्षणों में कहा गया है कि राज्य में एनडीए को बढ़त मिल सकती है और वह सरकार बनाने की स्थिति में रह सकता है।
एग्जिट पोल के अनुसार इस संभावित बढ़त के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें सरकार की ओर से चल रही कल्याणकारी योजनाओं का असर, नेतृत्व में स्थिरता और संगठनात्मक मजबूती प्रमुख मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इन कारकों ने मतदाताओं को प्रभावित किया है।
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हालांकि एग्जिट पोल हमेशा अंतिम परिणाम का संकेत नहीं होते। वास्तविक तस्वीर वोटों की गिनती के बाद ही साफ होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी हो सकता है और नतीजे कुछ सीटों पर छोटे अंतर से बदल सकते हैं।
इसके अलावा गठबंधन की गणित और क्षेत्रीय स्तर पर वोटों का रुझान भी अंतिम परिणाम को प्रभावित करेगा। अलग अलग सीटों पर किस गठबंधन को कितनी बढ़त मिलती है, यह आने वाले नतीजों में तय होगा।