प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
फेडरल बैंक ने गुरुवार को कहा कि वह स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के भारत में खुदरा क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो से लगभग 4.5 लाख क्रेडिट कार्ड का अधिग्रहण करेगा। यह बैंक की बड़े शहरों में मौजूदगी बढ़ाने व क्रेडिट कार्ड के आधार को विस्तार देने की योजना का हिस्सा है। दोनों बैंक इस सौदे के लिए अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने को सहमत हो गए हैं। सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि इस सौदे का मूल्य करीब 1,500 करोड़ रुपये से 2,000 करोड़ रुपये तक रहने की संभावना है।
बैंक ने इस सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया है। फेडरल बैंक के मुताबिक इस अधिग्रहण के बाद अधिग्रहीत क्रेडिट कार्ड सहित उसका कुल पोर्टफोलियो अंतिम हस्तांतरण की अवधि और ग्राहकों की सहमति पर निर्भर होगा।
बैंक ने कहा है कि इस लेन-देन में पोर्टफोलियो का मूल्यांकन लगभग 1.5-1.6 गुना निहित इक्विटी पर किया गया है और अंतिम प्रतिफल हस्तांतरण के समय वास्तविक शेष राशि से जुड़ा होगा। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक फेडरल बैंक के 22.4 लाख क्रेडिट कार्ड और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के 6.38 लाख क्रेडिट कार्ड थे। पिछले पांच साल के दौरान ब्रिटिश बैंक ने धीरे धीरे क्रेडिट कार्डों की संख्या घटाई है, जो वित्त वर्ष 2020 में 14.5 लाख थी।
फेडरल बैंक का प्रस्तावित अधिग्रहण उसकी मध्यावधि यील्डिंग सेग्मेंट पर ध्यान देने की रणनीति के मुताबिक है। पिछली कुछ तिमाहियों से बैंक अपना क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो आक्रामक रूप से बढ़ा रहा है। दरअसल फेडरल बैंक ने वित्त वर्ष 2026 में 10 लाख से ज्यादा क्रेडिट कार्ड जोड़े हैं। वित्त वर्ष 2025 में बैंक ने शुद्ध 2,14,679 क्रेडिट कार्ड जोड़े थे। बैंक के क्रेडिट कार्डों की संख्या वित्त वर्ष 2022 के 1.4 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के अंत में 22.4 लाख हो गई है। बैंक के कार्डों में 8,00,000 नॉन कोब्रांडेड कार्ड और 13,00,000 कोब्रांडेड कार्ड हैं।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘मौजूदा स्थिति में सौदे की कीमत का कोई पक्का आंकड़ा बताना मुश्किल है, क्योंकि यह सौदे के पूरा होने के समय पोर्टफोलियो के मूल्य पर निर्भर होगा। इसका अंतिम नतीजा ग्राहकों के बने रहने पर निर्भर करेगा। यह बिजनेस एक आकर्षक कीमत पर उपलब्ध था, इसीलिए बैंक ने इसके लिए बोली लगाने का फैसला किया। ग्राहकों के हटने के अलग अलग स्तर के मुताबिक भी इसकी आर्थिक गणित समदारी वाली होती है। इस पोर्टफोलियो में काफी अनुभवी और अमीर ग्राहक
शामिल हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि बैंक क्रेडिट कार्ड सेक्टर में एक अहम बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। ग्राहकों के छोड़ने की दर के आधार पर इस सौदे की कीमत लगभग 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये हो सकती है। प्रस्तावित अधिग्रहण अमेरिका स्थित प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन द्वारा फेडरल बैंक में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए किए गए 70 करोड़ डॉलर के निवेश के बाद सामने आया है, जिसे इस साल फरवरी में नियामक ने मंजूरी दी थी।
ब्रिटेन मुख्यालय वाले स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने अपनी खुदरा कारोबार रणनीति के हिस्से के तहत इसके पहले कहा था कि वह भारत में एकल क्रेडिट कार्ड पर जोर नहीं देगा। इसके बजाय वह ‘डीप, मल्टी प्रोडक्ट रिलेशनशिप’ के साथ लाइफस्टाइल और पेमेंट्स लाभों की पेशकश करेगा। उसकी खुदरा रणनीति में अब व्यक्तिगत और एसएमई (छोटे और मझोले उद्यम) के साथ मल्टी प्रोडक्ट रिलेशनशिप शामिल है।
बयान में कहा गया है, ‘यह (लेन-देन) भारत में वेल्थ और संपन्न वर्ग पर अपना ध्यान केंद्रित करने और उसे मजबूत बनाने की पहले से घोषित रणनीति को गति देता है और उन मुख्य रूप से एकल उत्पाद संबंधों से दूर ले जाता है, जो इस लेन-देन में शामिल हैं।’
स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने पिछले साल अपना पर्सनल लोन बिजनेस कोटक महिंद्रा बैंक को बेच दिया था। यह एक और ऐसा मामला है जिसमें किसी विदेशी बैंक ने अपना रिटेल क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो किसी घरेलू निजी क्षेत्र के बैंक को बेच दिया है। 2023 में ऐक्सिस बैंक ने सिटी बैंक के भारत के कंज्यूमर बिजनेस को 11,603 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिसमें उसका क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो भी शामिल था।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के एमडी और वेल्थ और रिटेल बैंकिंग, भारत और दक्षिण एशिया के प्रमुख, आदित्य मंडलोई के अनुसार यह फैसला बैंक के ग्राहकों के साथ गहरे, मल्टी-प्रोडक्ट रिश्ते बनाने की रणनीतिक बदलाव की दिशा में है।
उन्होंने कहा, ‘क्रेडिट कार्ड हमारी पेशकश का एक मुख्य हिस्सा बने हुए हैं, जिसे हमारे वेल्थ प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और अपने अमीर ग्राहकों के लिए अपनी पेशकश को बेहतर बनाने में हमारे लगातार निवेश से और बल मिलता है। इसमें हाल ही में शुरू किया गया ‘मेटल बियॉन्ड क्रेडिट कार्ड’ भी शामिल है। भारत स्टैंडर्ड चार्टर्ड के लिए अहम बाजार बना हुआ है, जहां हम अपने ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के सेवा देते हुए, लगातार निवेश कर रहे हैं।’