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HDFC Bank में मंचा हड़कंप: अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की जांच करेंगी दिग्गज कानूनी फर्में

एचडीएफसी बैंक ने पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के सनसनीखेज आरोपों और इस्तीफे की जांच के लिए घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कानूनी फर्मों को नियुक्त कर मोर्चा संभाल लिया है

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सुब्रत पांडा   
Last Updated- March 24, 2026 | 10:46 PM IST

एचडीएफसी बैंक ने पूर्व अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के त्यागपत्र की समीक्षा के लिए बाहरी कानूनी फर्मों को नियुक्त किया है। अतनु ने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया गया था कि कुछ ‘घटनाएं और प्रथाएं’ उनके मूल्यों व आदर्शों के अनुरूप नहीं हैं।

निजी बैंक ने सोमवार को बोर्ड की बैठक के बाद एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ‘बोर्ड के निदेशक मंडल की 23 मार्च को बैठक हुई थी। इसमें कानून पालन के मानदंडों को कायम रखने के लिए निदेशक मंडल ने सक्रिय कदम उठाए। इसके अंतर्गत बाहरी कानूनी फर्मों (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। ये कानूनी कंपनियां चक्रवर्ती के त्यागपत्र की समीक्षा करेंगी। 

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार बाहरी कानूनी फर्मों की नियुक्ति का उद्देश्य यह तय करना है कि बैंक में कोई प्रशासनिक खामी न हो और चक्रवर्ती के अपने त्यागपत्र में लगाए गए आरोप निराधार हों। सूत्रों ने बताया कि इस कार्य के लिए भारत की एक घरेलू कानूनी फर्म और अमेरिका की एक अन्य कानूनी फर्म को नियुक्त किया गया है। इन कानूनी फर्मों के नामों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

 रॉयटर्स ने बताया कि बैंक ने घरेलू फर्मों ट्राइलीगल और वाडिया गांधी ऐंड कंपनी के साथ-साथ अमेरिकी कानूनी फर्म को नियुक्त किया है। चक्रवर्ती ने पिछले सप्ताह अंशकालिक गैर-कार्यकारी चेयरमैन पद से अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा दे दिया था। 

उन्होंने कहा था कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर हुए कुछ घटनाक्रम उनके व्यक्तिगत मूल्यों के अनुरूप नहीं थे। हालांकि उन्होंने इन मुद्दों पर विस्तार से जानकारी नहीं दी। उनके इस्तीफे के बाद केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया।

First Published : March 24, 2026 | 10:42 PM IST