प्रतीकात्मक फोटो
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने सोना बेचा है। RBI ने स्पष्ट किया कि 24 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह तक उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए RBI ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा हो सकता है।
बुधवार को जारी RBI के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक के गोल्ड रिजर्व में मामूली बढ़ोतरी हुई है। 2 मई 2025 को समाप्त सप्ताह में यह 879.58 टन था, जो बढ़कर 24 अप्रैल 2026 तक 880.52 टन हो गया। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 20 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में स्वर्ण भंडार 880.34 टन था, जो 3 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 880.52 टन हो गया। इसके बाद से यह स्तर अपरिवर्तित बना हुआ है।
हालांकि, देश के विदेशी मुद्रा भंडार के हिस्से के रूप में रखे गए सोने का मूल्य पिछले एक वर्ष में लगभग 40 अरब डॉलर बढ़कर करीब 120 अरब डॉलर हो गया है। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी रही है।
ये भी पढ़ें… Google की कमाई पर असर डाल सकता है यह फैसला, जानिए Hindware केस की पूरी कहानी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार भी 2 मई 2025 को समाप्त सप्ताह से बढ़कर 24 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह तक लगभग 80 अरब डॉलर बढ़ गया और 658 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
अपने बयान में RBI ने कहा, “भारतीय रिजर्व बैंक ने मीडिया के कुछ वर्गों में RBI द्वारा सोना बेचने संबंधी रिपोर्ट्स देखी हैं। RBI स्पष्ट करता है कि ये रिपोर्ट्स सही नहीं हैं।”
RBI ने कहा कि ऐसे मामलों में आम लोगों को समय-समय पर RBI द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। इस बीच, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने भी इन रिपोर्ट्स का फैक्ट-चेक जारी किया है।
इससे पहले RBI के आंकड़ों से यह भी सामने आया था कि केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में स्पॉट विदेशी मुद्रा बाजार में नेट 53.13 अरब डॉलर की बिक्री की थी। यह किसी भी वित्त वर्ष में RBI द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी नेट डॉलर सेल है। इसके अलावा, FY26 के दौरान RBI ने सकल आधार पर कुल 195 अरब डॉलर की बिक्री की थी।