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नकदी संकट दूर करने के लिए RBI का बड़ा कदम, VRR नीलामी से बैंकों को दिए 81,590 करोड़ रुपये

भारतीय रिजर्व बैंक ने वीआरआर नीलामी के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में 81,590 करोड़ रुपये की नकदी डाली है, ताकि बाजार में शॉर्ट-टर्म नकदी संकट को संभाला जा सके

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भाषा   
Last Updated- May 22, 2026 | 11:06 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक  ने शुक्रवार को तीन दिन की ‘परिवर्तनीय रीपो दर’ (वीआरआर) नीलामी के माध्यम से बैंकों में 81,590 करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली। अस्थायी नकदी का मकसद बैंकिंग प्रणाली में नकदी के अस्थायी उतार-चढ़ाव की स्थिति से निपटना है। वहीं वीआरआर नीलामी आरबीआई का एक मौद्रिक साधन है जिसके माध्यम से वह अल्पकालिक अवधि के लिए बैंकों को धन उपलब्ध कराता है।

रिजर्व  बैंक के मुताबिक यह राशि 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ दर पर डाली गई। हालांकि प्रणाली में अधिशेष नकद में तेज गिरावट आने के बावजूद एक लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले बैंकों की तरफ से मांग कम रही। लेकिन नकदी मांग 21 मई को हुई पिछली नीलामी की तुलना में अधिक रही।

बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी 21 मई को घटकर 58,876.29 करोड़ रुपये रह गई, जो 20 मई को 1.51 लाख करोड़ रुपये थी। नकदी अधिशेष में कमी आने से 24 घंटे की अवधि वाले (ओवरनाइट) कर्ज पर वसूले जाने वाले ब्याज की दरों में तेज वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती नकदी स्थिति के प्रबंधन के लिए आरबीआई जल्द ही एक और वीआरआर नीलामी की घोषणा कर सकता है।

First Published : May 22, 2026 | 10:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)