RBI ने 2024-25 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था।
RBI Dividend: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस साल केंद्र सरकार को अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड दे सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इससे सरकार को पश्चिम एशिया में जारी संकट से पैदा चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहारा मिलेगा। पिछले साल RBI ने 2024-25 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था, जो पिछले वर्ष ट्रांसफर किए गए 2.11 लाख करोड़ रुपये से 27 प्रतिशत अधिक था।
सूत्रों ने बताया कि RBI इस महीने होने वाली अपनी बोर्ड बैठक में डिविडेंड की राशि पर फैसला ले सकता है। किसी भी वित्तीय वर्ष के लिए ट्रांसफर किए जाने वाले अधिशेष (Surplus) की गणना RBI के केंद्रीय बोर्ड की ओर से मंजूर संशोधित इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) के आधार पर की जाती है। संशोधित ढांचे के अनुसार, आकस्मिक जोखिम बफर (CRB) के तहत जोखिम प्रावधान RBI की बैलेंस शीट के 7.50 प्रतिशत से 4.50 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखना जरूरी है।
बजट दस्तावेजों के मुताबिक, केंद्र सरकार को 2026-27 में RBI, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से डिविडेंड और अधिशेष के रूप में 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 3.75 प्रतिशत अधिक है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने अनुमान सतर्कता के साथ लगाए थे, लेकिन FY27 में डिविडेंड भुगतान बजट अनुमान से अधिक रहने की संभावना है, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने FY26 में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और अधिक आय के कारण FY2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की प्रॉफिटेबिलिटीबेहतर हुई।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 3.21 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि कुल शुद्ध लाभ 11.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह लगातार चौथा साल है जब PSBs ने सामूहिक रूप से लाभ दर्ज किया है।
बजट दस्तावेजों में यह भी दिखाया गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य निवेशों से मिलने वाले डिविडेंड का अनुमान 75,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 71,000 करोड़ रुपये है। डिविडेंड और RBI के अधिशेष ट्रांसफर को गैर-कर राजस्व श्रेणी में रखा जाता है।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार को अगले वित्त वर्ष में गैर-कर राजस्व के रूप में 6.66 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो 2025-26 के 6.67 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। वहीं, टैक्स रेवेन्यू का अनुमान 28.66 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2025-26 के 26.74 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.18 प्रतिशत अधिक है।