बीमा

गैर जीवन बीमा प्रीमियम 9% बढ़कर 3.36 लाख करोड़ रुपये, स्वास्थ्य बीमा में तेजी का असर

फसल बीमा में भी गिरावट आई है। मार्च में गैर जीवन बीमा की वृद्धि करीब 9 प्रतिशत रही और प्रीमियम 28,921.9 करो़ड़ रुपये था।

Published by
आतिरा वारियर   
Last Updated- April 10, 2026 | 8:39 AM IST

वित्त वर्ष 2026 में गैर जीवन बीमा उद्योग का प्रीमियम सालाना आधार पर 9.3 प्रतिशत बढ़कर 3.36 लाख करोड़ रुपये हो गया। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरें 18 प्रतिशत से शून्य किए जाने के बाद स्वास्थ्य बीमा सेग्मेंट में तेजी आने से इस क्षेत्र का प्रीमियम बढ़ा है।

बहरहाल 1/एन अकाउंटिंग नियम का असर वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही के प्रीमियम की वृद्धि पर पड़ा है। साथ ही फसल बीमा में भी गिरावट आई है। मार्च में गैर जीवन बीमा की वृद्धि करीब 9 प्रतिशत रही और प्रीमियम 28,921.9 करो़ड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2026 में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम 8 प्रतिशत बढ़कर 2.79 लाख करोड़ रुपये हो गया। एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं का प्रीमियम सालाना आधार पर 519.4 प्रतिशत बढ़कर 45,865. करोड़ रुपये और विशेषीकृत बीमा कंपनियों का प्रीमियम सालाना आधार पर 5.14 प्रतिशत बढ़कर 11,676.2 करोड़ रुपये हो गया है।

वित्त वर्ष 2025 में गैर जीवन बीमा उद्योग की सालाना आधार पर वृद्धि 6.20 प्रतिशत थी, क्योंकि अक्टूबर 2024 से दीर्घावधि पॉलिसियों के अकाउंटिंग में बदलाव के कारण वृद्धि स्थिर रही और इसका असर अक्टूबर 2025 तक जारी रहा। वित्त वर्ष 2024 में गैर जीवन बीमा प्रीमियम सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़ा था।

श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ अंडरराइटिंग ऑफिसर शशि कांत दहुजा ने कहा, ‘वृद्धि की मुख्य वजह स्वास्थ्य बीमा में आई जबरदस्त तेज़ी रही है। एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने 19 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है और ये खुदरा क्षेत्र में बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं।’

First Published : April 10, 2026 | 8:39 AM IST