आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने सोमवार को साफ किया कि एथेनॉल-20 (E20) ईंधन के उपयोग से मोटर बीमा पॉलिसी के दावों (क्लेम) की वैधता प्रभावित नहीं होती और कंपनी केवल ईंधन के इस्तेमाल के आधार पर क्लेम खारिज नहीं करती है।
कंपनी की यह सफाई उस विवाद के बाद आई है, जो 9 जून 2026 को पब्लिश एक ब्लॉग पोस्ट से शुरू हुआ था। बाद में 14 जून 2026 को इस ब्लॉग में संशोधन किया गया। ब्लॉग के कंटेट को लेकर यह आशंका पैदा हो गई थी कि यदि पुराने और E20 के लिए अनुपयुक्त वाहनों में E20 ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है, तो इसे लापरवाही (नेग्लिजेंस) माना जा सकता है और इसके आधार पर बीमा क्लेम अस्वीकार किया जा सकता है।
इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए कंपनी ने एक बयान में कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने दोहराया है कि E20 (एथेनॉल-20) ईंधन के उपयोग से मोटर बीमा पॉलिसियां पूरी तरह वैध बनी रहती हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पुराने वाहनों में E20 ईंधन के उपयोग को लापरवाही (नेग्लिजेंस) नहीं मानती और E20 ईंधन कार्यक्रम को पर्यावरण के अनुकूल तथा प्रगतिशील पहल के रूप में देखती है।”
कंपनी ने कहा कि उसकी बीमा पॉलिसियां बीमाधारक द्वारा चुने गए कवरेज के अनुसार दुर्घटनाजनित नुकसान (एक्सीडेंटल डैमेज), वाहन चोरी, वाहन मालिक-चालक और सह-यात्रियों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना (पर्सनल एक्सीडेंट) कवर, तथा थर्ड-पार्टी देनदारियों को कवर करने के लिए बनाई गई हैं। E20 ईंधन के उपयोग से इन कवरेजों की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता।
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कंपनी ने कहा कि बीमा दावों (क्लेम) की स्वीकार्यता इंश्योर्ड पेरिल जैसे वाहन दुर्घटना या चोरी की घटना पर आधारित होती है। वाहन में इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन का प्रकार– जैसे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या अन्य– क्लेम की वैधता तय करने वाला कारक नहीं है।
इसलिए, यदि पारंपरिक ईंधन (कन्वेंशनल फ्यूल) के उपयोग की स्थिति में कोई क्लेम स्वीकार्य है, तो वही क्लेम E20 ईंधन के उपयोग की स्थिति में भी समान रूप से स्वीकार्य होगा। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड केवल ईंधन के प्रकार के आधार पर किसी क्लेम को खारिज नहीं करता।
कंपनी ने कहा कि ग्राहकों का भरोसा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और वह उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।