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सुरक्षा और नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों से जीवन बीमा कंपनियों का VNB बढ़ा, LIC सबसे आगे

वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इस क्षेत्र में वृद्धि में तेजी आई, क्योंकि व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में छूट से बीमा का औसत आकार बढ़ गया

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आतिरा वारियर   
Last Updated- May 26, 2026 | 10:54 PM IST

वित्त वर्ष 2026 के दौरान प्रमुख जीवन बीमा कंपनियों के नए व्यवसाय के मूल्य (वीएनबी) में दोहरे अंकों की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि उच्च मार्जिन वाले सुरक्षा और गैर भागीदारी वाली पॉलिसियों की बिक्री बढ़ने के कारण हुई है।

वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इस क्षेत्र में वृद्धि में तेजी आई, क्योंकि व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में छूट से बीमा का औसत आकार बढ़ गया और कर में बदलाव से बढ़े परिचालन लागत के असर को कम करने में मदद मिली है। जीवन बीमा कंपनियों के मुनाफे के बारे में जानने के लिए वीएनबी एक प्रमुख मापक है।

वित्त वर्ष 2026 में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का वीएनबी सालाना आधार पर 41.63 प्रतिशत बढ़कर 14,179 करोड़ रुपये हो गया। निजी बीमाकर्ताओं में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का वीएनबी 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,670 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का वीएनबी 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,034 करोड़ रुपये हो गया।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का वीएनबी 10.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,629 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ऐक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंसका वीएनबी सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 2,647 करोड़ रुपये हो गया।

सुरक्षा और गैर भागीदारी वाली पालिसियों से आमतौर पर यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) की तुलना में उच्च मार्जिन आता है। हालांकि यूलिप अधिकांश बीमाकर्ताओं के उत्पाद मिश्रण का एक बड़ा हिस्सा बना हुआ है, लेकिन इस वर्ष सुरक्षा और गैर भागीदारी वाली पॉलिसियों की हिस्सेदारी बढ़ी है।

एसबीआई लाइफ के सुरक्षा खंड में वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (एपीई) के आधार पर 10 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है। व्यक्तिगत सुरक्षा एपीई लगभग 1,030 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है, जबकि सुरक्षा खंड में व्यक्तिगत बीमा की राशि 62 प्रतिशत बढ़ गई।

परिणामों की घोषणा के समय एसबीआई लाइफ ने कहा,‘हमारा ध्यान गैर-यूएलआईपी पॉलिसियों पर है और सभी पॉलिसियों में इसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है।  यह गैर भागीदारी, भागीदारी और सुरक्षा तीनों सेग्मेंट में बढ़ी है।  पॉलिसियों में बेहतरीन मिश्रण के माध्यम से कंपनी के मुनाफे में सुधार करने के हमारे प्रयासों के तहत ऐसा हुआ है।’

एचडीएफसी लाइफ की कुल पॉलिसियों में सुरक्षा उत्पादों की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 के 5 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई। खुदरा सुरक्षा व्यवसाय वित्त वर्ष 2026 के दौरान 43 प्रतिशत बढ़ा, जबकि खुदरा सुरक्षा मिश्रण सालाना आधार पर लगभग 200 आधार अंक बढ़कर 7.2 प्रतिशत हो गया।

एलआईसी के व्यक्तिगत वार्षिक प्रीमियम समतुल्य मिश्रण में गैर भागीदारी वाली पॉलिसिोयों की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में 35.11 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष 27.69 प्रतिशत थी। इससे बीमा कंपनी का ज्यादा मार्जिन वाली पॉलिसियों पर ध्यान देने की नीति का पता चलता है।

First Published : May 26, 2026 | 10:50 PM IST