facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत में मॉनसून से पहले ही बरस गए 28 फीसदी अधिक बादल, लेट हुई गर्मी

Advertisement
Last Updated- May 07, 2023 | 3:13 PM IST
Kerala Rains Update: Yellow Alert by IMD
BS

भारत में अब तक मॉनसून पूर्व मौसम में 28 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है जबकि मध्य क्षेत्र में सामान्य से 268 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में एक मार्च से तीन मई तक 29 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई। सामान्य रूप से 199.9 मिमी के मुकाबले यहां 141.5 मिमी बारिश हुई।

उत्तरपश्चिम भारत जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 18 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई (83.4 मिमी के मुकाबले 98.3 मिमी) जबकि प्रायद्वीपीय क्षेत्र में 88 फीसदी ज्यादा बारिश इस अवधि के दौरान हुई (54.2 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 102 मिमी)।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत मध्य भारत में सामान्य से 268 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां 18.2 मिमी के बजाय 67 मिमी बारिश देखने को मिली। पूर्वी और पूर्वोत्तर भागों को छोड़कर 21-22 अप्रैल से देश के बड़े हिस्सों में एक के बाद एक कई मौसम प्रणालियों के कारण लंबे समय तक बारिश देखने को मिली।

इसके फलस्वरूप, देश के अधिकांश हिस्सों में इस अवधि के दौरान सामान्य दिन के तापमान की तुलना में काफी कम तापमान दर्ज किया गया। IMD के अनुसार, 21 अप्रैल के बाद से भारत में एक भी जगह पर लू चलने की सूचना नहीं है। IMD के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि अप्रैल और मई में बिना लू के इतनी लंबी अवधि ‘बहुत दुर्लभ’ है।

Also Read: Delhi Weather Today: दिल्ली में आज बारिश की संभावना, मध्यम श्रेणी में AQI दर्ज

आमतौर पर भारत में मई में भीषण गर्मी वाले सबसे ज्यादा दिनों दर्ज किये जाते हैं। महीने के दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, खासकर देश के उत्तर, उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में।

भीषण गर्मी वाला दिन तब घोषित किया जाता है जब मैदानी इलाके में किसी मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए और सामान्य तापमान से विचलन कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस हो।

वहीं तटीय इलाकों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस होने पर भीषण गर्मी वाले दिन घोषित किया जाता है बशर्ते सामान्य तापमान से विचलन कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस हो।

Advertisement
First Published - May 5, 2023 | 7:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement