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किसानों से संवाद के लिए कृषि मंत्री ने लॉन्च किया ‘किसान से बात’ रेडियो कार्यक्रम

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किसानों की समस्याओं को समझने और समाधान देने के लिए शिवराज सिंह चौहान की नई पहल; राकेश टिकैत ने उठाए सवाल

Last Updated- August 15, 2024 | 10:01 PM IST
MP CM Shivraj Singh Chouhan

किसानों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को “किसान से बात” नाम का एक मासिक रेडियो कार्यक्रम लॉन्च किया है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” से प्रेरित है। इसका उद्देश्य किसानों को मंत्री, कृषि वैज्ञानिकों और मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत करने का मौका देना है।

लाइव मिंट में छपी खबर के मुताबिक, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, यह कार्यक्रम सितंबर में संभवतः प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम से एक हफ्ते पहले शुरू होगा। चौहान ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा, “इस कार्यक्रम में हम खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, जिसमें सर्वोत्तम तरीके, नई तकनीकें और उत्पादकता बढ़ाने के नए तरीके शामिल हैं।”

कृषि मंत्री शिवराज सिंह के साथ कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ भी होंगे। वे मिट्टी की सेहत, सिंचाई, फसल प्रबंधन और कीट नियंत्रण जैसे विषयों पर अपना ज्ञान बांटेंगे। इस कार्यक्रम में किसान अपनी समस्याएं भी बता सकेंगे। मंत्रालय और विशेषज्ञ उनका समाधान करने की कोशिश करेंगे।

इस तरह की बातचीत से किसानों की समस्याओं को हल करने और उन्हें समय पर सलाह देने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। किसान फसलों के लिए कानूनी तौर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग कर रहे हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसा लोकप्रिय कार्यक्रम किसानों की मदद नहीं करेगा। किसानों को बुवाई के तरीके और अपनी मिट्टी की सेहत के बारे में पहले से पता है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार वाकई किसानों के लिए कुछ करना चाहती है, तो उन्हें उनकी फसलों के लिए बेहतर दाम देना चाहिए। टिकैत ने कहा, “किसानों को पता है कि किस मौसम में क्या उगाना है। उन्हें यह भी पता है कि कीड़ों को रोकने के लिए क्या करना चाहिए। यह रेडियो कार्यक्रम मंत्री को चर्चा में ला सकता है, लेकिन इससे किसानों की असली समस्याएं हल नहीं होंगी।”

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First Published - August 15, 2024 | 10:01 PM IST

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