facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

UPSC के अलावा बी स्कूल से भी भर्ती किए जाएं IAS ऑफिसर: नारायण मूर्ति

नारायण मूर्ति के मुताबिक मौजूदा UPSC सिस्टम सिर्फ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए अफसर तैयार करता है।

Last Updated- November 19, 2024 | 7:07 PM IST
Narayana Murthy cautions the public not to fall prey to deep fake videos

इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा है कि भारत को अपनी सिविल सेवाओं में बदलाव करने की ज़रूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की भर्ती सिर्फ UPSC परीक्षा के ज़रिए न होकर बिजनेस स्कूल के माध्यम से भी होनी चाहिए।

मूर्ति ने कहा, “भारत को एडमिनिस्ट्रेशन की सोच से बाहर निकलकर मैनेजमेंट की सोच अपनाने की ज़रूरत है। मैनेजमेंट का मतलब है बड़े सपने देखना और ऊंचे लक्ष्य हासिल करना।”

उनके मुताबिक, मौजूदा UPSC सिस्टम सिर्फ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए अफसर तैयार करता है। लेकिन आज के दौर में ऐसे अफसरों की ज़रूरत है जो विजन (Vision), लागत नियंत्रण (Cost Control), इनोवेशन (Innovation) और तेज़ फैसले लेने की क्षमता रखते हों।

हाल ही में उनके “70 घंटे काम” वाले बयान पर हुई आलोचना पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। मूर्ति ने कहा, “भारत जैसे देश को तेज़ी से विकास करने के लिए कड़ी मेहनत की ज़रूरत है। हमें पहले जीवन बनाना है, फिर वर्क-लाइफ बैलेंस (Work-Life Balance) की बात करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “25 साल पहले के वी कामथ ने कहा था कि भारत एक गरीब देश है। हमें पहले अच्छा जीवन बनाना होगा, उसके बाद संतुलन पर ध्यान देना चाहिए।”

अंत में मूर्ति ने भारत के $50 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि ये तभी संभव है, जब हम बदलाव के लिए तैयार हों।

First Published - November 19, 2024 | 7:07 PM IST

संबंधित पोस्ट