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UPI जैसी व्यवस्था अब बिजली सेक्टर में भी! ऊर्जा मंत्रालय ने लॉन्च किया इंडिया एनर्जी स्टैक, कामकाज होगा पारदर्शी

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बिजली मंत्रालय ने ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता, कार्यक्षमता और उपभोक्ता सशक्तिकरण के लिए इंडिया एनर्जी स्टैक नाम की डिजिटल पहल शुरू की है।

Last Updated- June 28, 2025 | 7:42 PM IST
Electricity
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Freepik

ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार को इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) नाम की एक खास पहल शुरू करने की घोषणा की। यह एक ऐसा डिजिटल ढांचा होगा, जो बिजली क्षेत्र को एकसाथ जोड़ेगा, सुरक्षित रखेगा और भविष्य के लिए तैयार करेगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की कार्यक्षमता सुधारने और लोगों को पारदर्शी व भरोसेमंद बिजली सेवाएं देने में अहम भूमिका निभाएगी। 

उन्होंने कहा, “जैसे आधार ने लोगों की पहचान को आसान बनाया और UPI ने डिजिटल पेमेंट में क्रांति ला दी, वैसे ही इंडिया एनर्जी स्टैक बिजली क्षेत्र में एक नया दौर शुरू करेगा। यह हर नागरिक के लिए आसान, सुरक्षित और उपभोक्ता-केंद्रित ऊर्जा सेवाएं सुनिश्चित करेगा। यह पहल देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने, ग्रिड को स्थिर रखने और उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए जरूरी है।”

भारत का लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना और नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में बढ़ना है। इस बीच, बिजली क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी के कारण कई नए अवसर और चुनौतियां सामने आ रही हैं। लेकिन, मौजूदा सिस्टम में एकरूपता की कमी और डिजिटल एकीकरण का अभाव बड़े रोड़े हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय ने इंडिया एनर्जी स्टैक शुरू किया है, जो एक मानकीकृत, सुरक्षित और खुला डिजिटल मंच होगा। यह बिजली की पूरी सप्लाई चेन को मैनेज करने, निगरानी करने और नए प्रयोग करने में मदद करेगा।

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यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की शुरुआत

IES में उपभोक्ताओं, उपकरणों और लेनदेन के लिए यूनिक ID, रियल-टाइम डेटा शेयरिंग, सहमति-आधारित डेटा प्रबंधन, खुले एपीआई और उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने वाले टूल्स शामिल होंगे। इसके साथ ही, मंत्रालय 12 महीने का एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (POC) शुरू करेगा, जिसमें कुछ चुनी हुई बिजली कंपनियों के साथ मिलकर IES का असल दुनिया में परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (UPI) को भी टेस्ट किया जाएगा, जो एक एनालिटिक्स-आधारित एप्लिकेशन है। यह बिजली कंपनियों, नीति निर्माताओं और उपभोक्ताओं को रियल-टाइम जानकारी और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन में मदद करेगा।

इस पहल को दिशा देने के लिए मंत्रालय ने एक टास्क फोर्स बनाई है, जिसमें तकनीक, बिजली क्षेत्र और नियामक क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टास्क फोर्स IES के विकास, इसके पायलट प्रोजेक्ट और पूरे देश में इसके विस्तार को संभालेगी।

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First Published - June 28, 2025 | 7:41 PM IST

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