facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

भाजपा को उन कंपनियों से राशि मिली, जिन पर ईडी ने छापेमारी की थी : सौरभ भारद्वाज

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि क्या भाजपा उन कंपनियों से धन लेने की बात स्वीकार करेगी।

Last Updated- March 15, 2024 | 9:32 PM IST
Delhi Cabinet decides to buy mechanical sweepers, water sprinkling machines

निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी बॉण्ड के आंकड़े जारी किए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को आम आदमी पार्टी ने भाजपा को इन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त कुल रकम का विवरण सार्वजनिक करने की चुनौती दी। आप ने भाजपा पर अपराध से अर्जित आय प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को उन कंपनियों से धन मिला, जिनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने छापेमारी की थी।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि क्या भाजपा उन कंपनियों से धन लेने की बात स्वीकार करेगी, जिनके खिलाफ धन शोधन के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कार्रवाई की गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉण्ड के रूप में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक मिले, जो किसी भी अन्य पार्टी की तुलना में सबसे बड़ा हिस्सा है। भाजपा यह क्यों नहीं बता रही कि उन्हें कितना पैसा मिला है।’’ भारद्वाज ने कुछ कंपनियों का नाम लेकर आरोप लगाया, ‘‘ईडी द्वारा छापेमारी के बाद इन कंपनियों ने चुनावी बॉण्ड खरीदे।

इसका मतलब है कि अपराध की कमाई चुनावी बॉण्ड के माध्यम से केंद्र के पास गई है।’’ निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को अप्रैल 2019 से फरवरी 2024 के बीच खरीदे गए चुनावी बॉण्ड के आंकड़े प्रकाशित किये। आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा को सबसे ज्यादा 6,566 करोड़ रुपये या 54.77 प्रतिशत चंदा मिला। उसके बाद कांग्रेस को 1,123 करोड़ रुपये या 9.37 प्रतिशत जबकि तृणमूल कांग्रेस को 1,092 करोड़ रुपये या 9.11 प्रतिशत चंदा मिला।

First Published - March 15, 2024 | 9:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट