facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

Bulldozer Action: सुप्रीम कोर्ट का बुलडोजर एक्शन पर सख्त रुख, कहा- अवैध कार्रवाई करने पर अधिकारी होंगे दंडित

Advertisement

Bulldozer Action: उच्चतम न्यायालय ने कहा कि संविधान और आपराधिक कानूनों के तहत आरोपियों और दोषियों के भी कुछ अधिकार होते हैं।

Last Updated- November 13, 2024 | 1:18 PM IST
supreme court
Representative Image

Bulldozer Action: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने हाल ही में बढ़ते ‘बुलडोजर न्याय’ पर सख्त रुख अपनाते हुए, संपत्तियों को तोड़ने को लेकर देशभर के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने बुधवार को कहा कि किसी अधिकारी को न्यायाधीश की भूमिका में आकर आरोपी को दोषी ठहराने या उसका घर तोड़ने का अधिकार नहीं है।

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का घर सिर्फ इसलिए नहीं तोड़ा जा सकता कि वह आरोपी या दोषी है, ऐसा करना असंवैधानिक है। न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर रात बितानी पड़े, यह बिल्कुल भी उचित नहीं है।

पीठ ने निर्देश दिया कि बिना कारण बताओ नोटिस दिए कोई तोड़फोड़ नहीं की जानी चाहिए, और नोटिस जारी करने के 15 दिनों के भीतर भी किसी तरह की तोड़फोड़ न हो। साथ ही, उन्होंने यह भी आदेश दिया कि तोड़फोड़ की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी सार्वजनिक जमीन पर अवैध निर्माण हुआ हो या कोर्ट ने खुद से तोड़फोड़ का आदेश दिया हो, तो इन नए निर्देशों का पालन नहीं होगा। न्यायालय ने कहा कि संविधान और कानून के तहत अभियुक्तों और दोषियों को कुछ अधिकार और सुरक्षा दी गई है।

Advertisement
First Published - November 13, 2024 | 12:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement