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Char Dham Yatra 2024: 11 श्रद्धालुओं की मौत, VIP दर्शन पर रोक! जानें मौजूदा हालात

Char Dham Yatra 2024: यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम की यात्रा 10 मई से शुरू हुई थी, जबकि बद्रीनाथ धाम 12 मई को खुला।

Last Updated- May 17, 2024 | 5:05 PM IST
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उत्तराखंड में 10 मई से शुरू हुई चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, लेकिन पहले पांच दिनों में ही 11 लोगों की मौत हो गई है। राज्य सरकार के मुताबिक, मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग और सांस लेने में तकलीफ या अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग थे।

गढ़वाल कमिशनर विनय शंकर पांडे ने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि श्रद्धालु पूरी स्वास्थ्य जानकारी दें, क्योंकि चारों धाम ऊंचाई पर स्थित हैं और गर्म इलाकों से आने वाले लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।” उन्होंने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया कि वे अपनी किसी भी बीमारी को छुपाएं नहीं, और बताया कि उनकी स्वास्थ्य जांच की पूरी व्यवस्था की गई है।

चार धाम यात्रा क्या है?

चार धाम यात्रा उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण यात्राओं में से एक है, जो श्रद्धालुओं को अपने पवित्र स्थलों की ओर आकर्षित करती है। “चार धाम” शब्द राज्य के चार पवित्र स्थानों – यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को संदर्भित करता है। ये स्थल देवी-देवताओं के निवास के रूप में पूजे जाते हैं और हिंदुओं के लिए बहुत महत्व रखते हैं।

ये धाम ऊंचाई पर स्थित हैं और सर्दियों के कारण हर साल लगभग छह महीने (आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर से अप्रैल या मई तक) बंद रहते हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु इस तीर्थयात्रा पर निकलते हैं, यह मानते हुए कि इन पवित्र स्थानों के दर्शन से उनके पाप धुल जाएंगे और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।

2024 की चार धाम यात्रा कब शुरू हुई?

यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम की यात्रा 10 मई से शुरू हुई थी, जबकि बद्रीनाथ धाम 12 मई को खुला।

अभी तक कितने श्रद्धालु पहुंचे?

अभी तक 2 लाख 70 हजार से अधिक श्रद्धालु चार धाम के दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ में 1.55 लाख से अधिक, यमुनोत्री में 70 हजार से अधिक और गंगोत्री में 63 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सिर्फ तीन दिनों में ही बद्रीनाथ धाम में 45 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

वीआईपी दर्शन पर रोक, सोशल मीडिया पर भी पाबंदी

उत्तराखंड सरकार ने 31 मई 2024 तक चार धाम यात्रा में वीआईपी दर्शन पर रोक लगा दी है। इसका मकसद यह है कि सभी श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो सकें।

इसके अलावा, मुख्य सचिव राधा रतूरी ने चारों धामों के मंदिर परिसरों के 50 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया रील्स बनाने पर रोक लगा दी है। यह फैसला सोशल मीडिया के लिए फिल्मिंग करने वाले लोगों की बढ़ती मौजूदगी से श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए लिया गया है।

उन्होंने पंजीकरण के दौरान गलत मेडिकल जानकारी देने के मामलों का भी जिक्र किया और अधिकारियों को 50 साल से अधिक उम्र के यात्रियों की स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 44 विशेषज्ञों सहित 184 डॉक्टरों को तैनात किया है।

कुछ श्रद्धालुओं को भारी भीड़ के कारण वापस लौटना पड़ा

रुद्रप्रयाग में भारी भीड़ के चलते चार धाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को रुद्रप्रयाग (उत्तरकाशी जिला) से श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल जिला) भेजा जा रहा है।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया, “चार धाम यात्रा के लिए रुद्रप्रयाग में श्रद्धालुओं की ज्यादा आवक के कारण उन्हें श्रीनगर में रोका जा रहा है। हम एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस टीम की मदद से होल्डिंग एरिया का प्रबंधन कर रहे हैं, साथ ही हम तीर्थयात्रियों के लिए आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने की चार धाम यात्रा तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को समीक्षा बैठक में श्रद्धालुओं के लिए “सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा” सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया और चारों धामों में निर्धारित दैनिक क्षमता के अनुसार केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही दर्शन करने की अनुमति देने के निर्देश दिए। उन्होंने तीन दिनों के लिए ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगाने का आदेश भी दिया।

First Published - May 17, 2024 | 5:05 PM IST

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