भारत में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोनावायरस संक्रमण के 475 नए मामले सामने आए जिससे उपचाराधीन मरीजों की संख्या 3,919 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान 6 संक्रमितों की मौत हुई है जिसमें कर्नाटक के तीन, छत्तीसगढ़ के दो और असम का एक रोगी शामिल है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 5 दिसंबर के बाद 31 दिसंबर, 2023 को 841 नए मामले सामने आए जो मई 2021 में दर्ज किए गए उच्चतम मामलों का 0.2 प्रतिशत था। कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों में से तकरीबन 92 प्रतिशत मरीज घर पर ही रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
12 राज्यों से जेएन.1 के 819 मामले सामने आए
देश के 12 राज्यों से सोमवार तक कोविड-19 के उपस्वरूप जेएन.1 के कुल 819 मामले सामने आए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र से 250, कर्नाटक से 199, केरल से 148, गोवा से 49, गुजरात से 36, आंध्र प्रदेश एवं राजस्थान से 30-30, तमिलनाडु तथा तेलंगाना से 26-26, दिल्ली से 21, ओडिशा से तीन और हरियाणा से एक मामला सामने आया है।
अधिकारियों ने बताया कि जेएन.1 के मामलों की संख्या भले ही बढ़ रही है, लेकिन तत्काल चिंता करने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि संक्रमितों में से ज्यादातर घर पर ही उपचार करा रहे हैं, जो हल्की बीमारी का संकेत है। देश में कोविड के मामलों में वृद्धि और जेएन.1 उपस्वरूप के मामले सामने आने के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा है।
राज्यों से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा साझा की गई कोविड-19 के लिए संशोधित निगरानी रणनीति के विस्तृत दिशानिर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसके तीव्र प्रसार को देखते हुए जेएन.1 को एक अलग ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ (वीओआई) स्वरूप के रूप में वर्गीकृत किया है और कहा है कि यह वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति ‘कम’ जोखिम वाला है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस के जेएन.1 उपस्वरूप को पहले बीए.2.86 उपस्वरूप के तहत ‘वीओआई’ के रूप में वर्गीकृत किया था।