गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को कहा कि उत्तरी गोवा में मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (एमआईए) के चालू होने के बाद भी दाबोलिम हवाईअड्डे को बंद नहीं किया जाएगा। दाबोलिम हवाईअड्डा, भारतीय नौसेना अड्डे का हिस्सा है।
सदन के पटल पर इस मुद्दे को उठाते हुए निर्दलीय विधायक अलेक्सो रेजिनाल्डो लौरेंको ने आरोप लगाया कि जीएमआर के पदाधिकारी दाबोलिम हवाईअड्डे पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त करने के लिए भारतीय नौसेना पर दबाव बना रहे हैं।
विधायक ने दावा किया कि एमआईए के चालू होने से दाबोलिम हवाई अड्डे पर उड़ानों की संख्या में कमी आई है। दक्षिण गोवा में स्थित दाबोलिम हवाईअड्डा नौसेना अड्डा आईएनएस हंसा का हिस्सा है। सावंत ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में निर्णय लिया कि एमआईए के चालू होने के बाद भी दाबोलिम हवाईअड्डे का परिचालन जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि यह हवाईअड्डा भविष्य में भी काम करता रहेगा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ ने आरोप लगाया कि एमआईए की मदद के लिए दाबोलिम हवाई अड्डे को ‘भूतिया हवाई अड्डे’ में बदल दिया जाएगा।