पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच सैन्य टकराव जारी रहने के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सैनिक ‘दृढ़ता’ से तैनात हैं और मामले के शांतिपूर्ण हल के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रहेगी क्योंकि सैनिकों की वापसी और तनाव में कमी ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
थल सेना के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करते हुए सिंह ने देश में सबसे भरोसेमंद और प्रेरक संगठनों में से एक के प्रति देश के करोड़ों नागरिकों के भरोसे की पुष्टि की। सेना के कमांडरों ने चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों और बल की समग्र युद्ध क्षमता को बढ़ावा देने के तरीकों पर गहन विचार-विमर्श किया।
रक्षा मंत्री ने देश की रक्षा और सुरक्षा दृष्टि को सफलतापूर्वक नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सेना नेतृत्व की सराहना की और कहा कि राष्ट्र निर्माण में बल की भूमिका अहम है। सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की भी प्रशंसा की और कहा कि इसके प्रयासों से पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर सड़क संचार में व्यापक सुधार हुआ है।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उत्तरी सीमाओं की मौजूदा स्थिति के संबंध में सिंह ने पूरा विश्वास जताया कि सैनिक दृढ़ता से तैनात हैं और शांतिपूर्ण समाधान के लिए चल रही बातचीत जारी रहेगी तथा सैनिकों की वापसी और तनाव कम करना ही आगे का रास्ता है। पाकिस्तान के साथ लगी सीमा पर की स्थिति का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री सिंह ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सेना की कार्रवाई की सराहना की।