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Delhi-NCR: प्रदूषण फैलाने वाली दूसरे राज्यों की बसों पर सख्ती! 31 मार्च से नहीं मिलेगी एंट्री

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Delhi NCR Pollution: पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड मध्य प्रदेश और जम्मू कश्मीर ने काफी बसों को स्वच्छ ईंधन वाली बसों में तब्दील किया है।

Last Updated- June 17, 2024 | 4:59 PM IST
Ashok Leyland wins order for 1,282 buses from Gujarat state transporter

दिल्ली में दूसरे राज्यों से आने वाली ऐसी बसों पर सख्ती होने जा रही है, जिनसे प्रदूषण फैल रहा है। दिल्ली में ऐसी बसों को ही आने की इजाजत दी जाएगी तो स्वच्छ ईंधन (CNG/ EV/BS 6) पर चलती हो। प्रदूषित ईंधन पर चलने वाली बसों को हटाने के लिए समय भी निर्धारित किया गया है।

दिल्ली में कब से नहीं आ पाएगी प्रदूषित ईंधन पर चलने वाली बसें?

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में दूसरे राज्यों से आने वाली और प्रदूषित ईंधन पर चलने वाली बसों को स्वच्छ ईंधन में चरणबद्ध तरीके से तब्दील (shift) करने की योजना तैयार की है।

इस संबंध में CAQM द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक पंजाब, हिमाचल व मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2024 तक दिल्ली को संचालित होने वाली बसों को निर्धारित स्वच्छ ईंधन में बदलना होगा, जबकि जम्मू-कश्मीर को ऐसा 30 सितंबर 2024 तक करना होगा।

दिल्ली-एनसीआर में उत्तराखंड सरकार की सबसे अधिक बसें आती हैं और इन बसों में प्रदूषित ईंधन पर चलने वाली बसों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। इसलिए उत्तराखंड को इन बसों को स्वच्छ ईंधन में बदलने के लिए सबसे अधिक 31 मार्च 2025 तक का समय दिया गया है। हालांकि 190 बसों को उत्तराखंड को इस साल 31 दिसंबर तक स्वच्छ ईंधन में बदलना होगा।

CAQM द्वारा जारी निर्देश में कहा गया कि इस समय तक न सिर्फ राज्य सरकारों द्वारा संचालित बसों को स्वच्छ ईंधन में बदलना होगा, बल्कि निजी बस संचालकों को भी इस निर्देश का पालन करना होगा।

दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण में प्रदूषित ईंधन पर चलने वाली बसें भी हैं अहम कारक

CAQM का मानना है कि पूरी एनसीआर में वायु प्रदूषण में विशेष रूप से सदिर्यों में परिवहन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। इस प्रदूषण को दिल्ली-एनसीआर में दूसरे राज्यों से आने वाली बसों को स्वच्छ ईंधन में तब्दील करके कम किया जा सकता है।

CAQM ने इस संबंध में पिछले जनवरी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिल्ली-एनसीआर को भेजी जाने वाली बसों को स्वच्छ ईंधन में तब्दील करने के लिए कहा गया था। लेकिन पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व जम्मू कश्मीर का कहना था कि बसों को सीएनजी और ई बसों में तब्दील करने में काफी समय लगेगा।

लेकिन ये राज्य दिल्ली-एनसीआर तक चलने वाली पुरानी बीएस-3 व 4 डीजल बसों को बीएस-6 डीजल बसों में बदलने को तैयार हुए और नई बीएस-6 डीजल बसों के साथ ही सीएनजी और ई-बसों को खरीदने पर जोर दे रहे हैं।

स्वच्छ ईंधन में बसों को बदलने की क्या है अभी स्थिति?

CAQM दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली बसों को स्वच्छ ईंधन में तब्दील करने के निर्देश पिछले साल ही दे चुका है। पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड मध्य प्रदेश और जम्मू कश्मीर ने काफी बसों को स्वच्छ ईंधन वाली बसों में तब्दील किया है।

पंजाब से दिल्ली-एनसीआर आने वाली 145 बसों में से 105 बसें स्वच्छ ईंधन पर चल रही है। हिमाचल से आने वाले 238 में 207 बसें, उत्तराखंड आने वाली 541 में से 162 बसें, मध्य प्रदेश से आने वाली 14 में 4 बसें और जम्मू कश्मीर से 66 में से 20 बसें स्वच्छ ईंधन पर चल रही है। इन सभी राज्यों को प्रदूषित ईंधन पर चलने वाली बसों को चरणबद्ध तरीके से 31 मार्च 2025 तक स्वच्छ ईंधन में बदलने का मौका दिया गया है।

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First Published - June 17, 2024 | 4:59 PM IST

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