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परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी बोले, मैं हर चुनौती को चुनौती देता हूं

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Pariksha Pe Charcha 2024: मोदी ने यह भी कहा कि उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है इसलिए कठिन से कठिन निर्णय लेने में उन्हें कोई दुविधा नहीं होती है।

Last Updated- January 29, 2024 | 10:49 PM IST
PM Modi in Karnataka

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह हर चुनौती को चुनौती देते हैं और इसके लिए नए तरीके और नई रणनीति ईजाद करते रहते हैं।

छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ के सातवें संस्करण में उन्होंने कहा कि वह अपनी सारी शक्ति देश का सामर्थ्य बढ़ाने में लगा रहे है क्योंकि जितना ज्यादा देशवासियों का सामर्थ्य बढ़ेगा, चुनौतियों को चुनौती देने की देश की ताकत और बढ़ती जाएगी। मोदी ने यह भी कहा कि उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है इसलिए कठिन से कठिन निर्णय लेने में उन्हें कोई दुविधा नहीं होती है।

उत्तराखंड के उधमसिंहनगर में खटीमा की एक छात्रा स्नेहा त्यागी सहित कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री से सवाल किया था कि अपने व्यस्त जीवन में वह दबाव को कैसे झेलते हैं और उनकी सकारात्मक ऊर्जा का रहस्य क्या है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हर एक के जीवन में अपनी स्थिति से अतिरिक्त ऐसी बहुत सी चीजें होती हैं जिसको उन्हें मैनेज करना होता है।

उन्होंने कहा कि वह उन लोगों में नहीं हैं जो बहुत बड़ी आंधी या कोई संकट आए तो उसके जाने या समाप्त होने का इंतजार करें। उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोग जीवन में कुछ हासिल नहीं कर सकते।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रकृति है और जो मुझे काफी उपयोगी भी लगी है। मैं हर चुनौती को चुनौती देता हूं।

चुनौती जाएगी, स्थितियां सुधर जाएंगी, इसकी प्रतीक्षा करते हुए मैं सोया नहीं रहता हूं। इसके कारण मुझे नया-नया सीखने को मिलता है। हर परिस्थिति को हैंडल करने का नया तरीका, नया प्रयोग, नई रणनीति इजाद करने की मेरी सहज विधा है।’

प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों को अपने विश्वास का सबसे बड़ा आधार करार देते हुए कहा कि कि उन्हें कभी नहीं लगता कि वह अकेले हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर 100 मिलियन चुनौतियां हैं तो उसके बिलियंस ऑफ बिलियंस समाधान भी हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे हमेशा पता होता है कि मेरा देश, मेरे देश के लोग और उनका मस्तिष्क सामर्थ्यवान है और हम हर चुनौती को पार कर जाएंगे।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वजह से उन्हें हर प्रकार की चुनौतियों से लड़ने की ताकत मिलती है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए मैं अपनी शक्ति देश के सामर्थ्य को बढ़ाने में लगा रहा हूं। जितना ज्यादा मैं देशवासियों का सामर्थ्य बढ़ाता जाऊंगा, चुनौतियों को चुनौती देने की हमारी ताकत और बढ़ती जाएगी।’

प्रधानमंत्री ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाले जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की हर सरकार को इस संकट से जूझना पड़ा है लेकिन वह इससे डरकर बैठ नहीं गए। उन्होंने कहा, ‘मैंने उसका रास्ता खोजा।

मैंने सोचा कि गरीबी तो तब हटेगी जब मेरा हर एक गरीब तय करेगा कि अब मुझे गरीबी को परास्त करना है और मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं उसके सपने को सामर्थ्यवान बनाऊं। उसको पक्का घर दे दूं, शौचालय दे दूं, शिक्षा व्यवस्था दे दूं, आयुष्मान योजना दे दूं, उसके घर नल से जल पहुंचा दूं।’

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First Published - January 29, 2024 | 10:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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