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Fake YouTube Channels Ban: फेक न्यूज फैलाने वाले इन 8 यू्ट्यूब चैनलों पर सरकार ने कसा श‍िकंजा

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सरकार ने उन यूट्यूब चैनल पर रोक लगाई है जो समय से पहले लोकसभा चुनाव कराने की घोषणा और EVM पर पाबंदी लगाए जाने जैसी फर्जी खबरें फैलाने में संलिप्त थे।

Last Updated- August 09, 2023 | 9:08 AM IST
Youtube report 2024: The magic of cricket, moye-moye and Lok Sabha elections क्रिकेट, मोये-मोये और लोक सभा चुनावों का चला जादू

सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने 8 Fake Youtube Channel का ‘भंडाफोड़’ किया है, जो समय से पहले लोकसभा चुनाव कराने की घोषणा और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर पाबंदी लगाए जाने जैसी फर्जी खबरें फैलाने में संलिप्त थे।

अधिकारियों ने बताया कि यहां सच देखो, कैप्टिल टीवी, केवीएस न्यूज, सरकारी ब्लॉग, अर्न टेक इंडिया, एसपीएन9 न्यूज, एजुकेशनल दोस्त और वर्ल्ड बेस्ट न्यूज पर मौजूद वीडियो को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने फर्जी खबरें फैलाने के लिए ‘फैक्टचेक’ (तथ्यों की पड़ताल) किया।

यह भी पढ़ें : चार बड़ी कंपनियों के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा सुरक्षा विधेयक, 2023 के तहत ‘वाजिब उद्देश्य’लागू नहीं !

अधिकारियों ने बताया कि वर्ल्ड बेस्ट न्यूज यूट्यूब चैनल के 17 लाख सब्सक्राइबर हैं और इसे 18 करोड़ बार देखा गया है और पाया गया कि यह भारतीय थलसेना के बारे में गलत सूचना फैला रहा था।

उन्होंने कहा कि चैनल एजुकेशनल दोस्त के 34.3 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और 23 करोड़ ‘व्यूज’ के साथ, सरकारी योजनाओं के बारे में गलत जानकारी फैला रहा था, जबकि 48 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और 189 करोड़ ‘व्यूज’ के साथ एसपीएन9 न्यूज राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों के बारे में फर्जी खबरें फैला रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि 45 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर और 9.4 करोड़ से ज्यादा ‘व्यूज’ वाला चैनल सरकारी ब्लॉग, सरकारी योजनाओं के बारे में फर्जी खबरें फैलाता पाया गया।

यह भी पढ़ें : आसान बनाई जाएगी लैपटॉप, टैबलेट के आयात को लेकर लाइसेंसिंग प्रक्रिया: IT मंत्री राजीव चंद्रशेखर

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First Published - August 9, 2023 | 9:08 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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