facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Farmers Protest March: पुलिस ने दिल्ली जाने से किसानों को रोका, दलित प्रेरणा स्थल पर डाला डेरा

Advertisement

Farmers Protest March: किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए नोएडा के कई स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं हुईं। किसानों के दिल्ली कूच के कारण नोएडा की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

Last Updated- December 02, 2024 | 9:22 PM IST
Farmers Protest March:
Photo: PTI

Farmers Protest March: अपनी दस प्रमुख मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए निकले गौतमबुद्ध नगर के किसानों को दिल्ली की दहलीज में पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। महामाया फ्लाईओवर के रास्ते दिल्ली जा रहे किसानों को नोएडा पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल से आगे नहीं बढ़ने दिया। इस कारण नाराज किसान बीच सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए।

शाम को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शासन स्तर पर किसानों को वार्ता कराने का आश्वासन देकर दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को खुलवाया। हालांकि, किसान दलित प्रेरणा स्थल के अंदर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। रात होते-होते किसानों ने वहां पर डेरा जमा लिया। किसानों ने वहां पर खाना बनाने की व्यवस्था की तथा ठंड से बचने के लिए रजाई कंबल आदि लेकर धरने पर बैठे हैं।

किसान वहां पर रागिनी गाकर और जोशीले भाषण से एक दूसरे का मनोबल बढ़ा रहे हैं। ठंड से बचने के लिए किसानों ने अलाव भी जला लिया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बीते रविवार को वार्ता विफल होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों ने सोमवार को दिल्ली कूच करने की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया।

किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए दलित प्रेरणा स्थल के मुख्य गेट के सामने अवरोधक लगाकर सोमवार सुबह से ही रास्ता बंद कर दिया गया। अपराह्न करीब एक बजे महामाया फ्लाईओवर के रास्ते किसानों का हुजूम दिल्ली की तरफ बढ़ा, जिसे दलित प्रेरणा स्थल के सामने रोक दिया गया। किसानों ने अवरोधक तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने किसानों को आगे नहीं जाने दिया। शाम करीब पांच बजे तक दलित प्रेरणा स्थल के सामने ही किसानों और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर चलता रहा।

किसान एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने बताया कि अधिकारियों ने शासन के सचिव स्तर पर वार्ता कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर यदि वार्ता नहीं कराई गई तो किसान फिर दिल्ली में जाकर संसद का घेराव करने के लिए निकलेंगे। दिल्ली कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल के सामने अवरोधक लगाकर रास्ते बंद कर दिए।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर दस लेयर अवरोधक लगाकर किसानों को रोकने की पूरी तैयारी की थी। दिल्ली में प्रवेश करने वाले एक-एक वाहन पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही। वहीं, दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। किसानों के दिल्ली कूच करने की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

Also read: Electronics Sector के ये 5 दमदार शेयर पकड़ेंगे रफ्तार! ब्रोकरेज बुलिश, 1 साल में 20% अपसाइड के दिये टारगेट

किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए नोएडा के कई स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं हुईं। किसानों के दिल्ली कूच के कारण नोएडा की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। नोएडा-ग्रेटर नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाले लिंक रोड पर महामाया फ्लाईओवर से आगे वाहनों को जाने नहीं दिया गया। जिसकी वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क पर लंबा जाम लग गया।

पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे होकर दिल्ली जाने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों और सिरसा से परी चौक होकर सूरजपुर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है। किसानों की 10 प्रमुख मांगों में जमीन अधिग्रहण से प्रभावित सभी किसानों को 10 फीसदी विकसित भूखंड, नए भूमि अधिकरण कानून के तहत लाभ मिलना, रोजगार और पुर्नवास में लाभ, हाई पावर कमेटी की सिफारिश जैसी और भी कई मांगे शामिल है।

किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि कड़ाके की ठंड में भी किसान धरने पर जोर-शोर से डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दलित प्रेरणा स्थल पर धरनारत किसानों के खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। लोग यहां के प्राधिकरणों द्वारा किसानों पर किए गए अत्याचारों को अपने भाषण के माध्यम से वहां मौजूद लोगों को बता रहे हैं, तथा रागिनी आदि की सहायता से धरना पर बैठे किसानों का जोश बढ़ा रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक दलों ने भी किसानों के धरना प्रदर्शन का समर्थन किया है।

पुलिस उपायुक्त-यातायात लाखन सिंह यादव ने बताया कि किसान दलित प्रेरणा स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं। यातायात को पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसानों के धरना प्रदर्शन के चलते यातायात पुलिस द्वारा जारी किए गए परामर्श को देखकर ही घर से निकलें।

Advertisement
First Published - December 2, 2024 | 9:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement