पंजाब-हरियाणा की सीमा पर किसानों के विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) के कारण सप्लाई चेन बाधित होने की वजह से दिल्ली में सब्जियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। बता दें कि किसानों का विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी है।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब से सप्लाई की समस्या के कारण पिछले 15 दिनों में गाजर की कीमतों में 4 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही विरोध प्रदर्शन के कारण होने वाले व्यवधान से अन्य सब्जियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, अन्य सब्जियों की कीमतों पर अब तक कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर अपनी मांगें स्वीकार करने के लिए दबाव डालने के लिए “दिल्ली चलो” का आह्वान किया है।
पंजाब के किसानों ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च शुरू किया, लेकिन पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी किसान मंगलवार, 13 फरवरी को मार्च की शुरुआत के बाद से सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं।
किसानों का ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन का आज यानी शनिवार को पांचवां दिन है। किसान पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली के कई बॉर्डर को सील कर दिया गया है। साथ ही किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स, कंक्रीट ब्लॉक, लोहे की कीलें और कंटेनरों की दीवार लग रखी हैं।
इस आंदोलन में किसानों ने सरकार के सामने न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price-MSP) की गारंटी के अलावा कई और मांगे भी रखी हैं, जिसमें ऋण माफी (Loan Waiver)भी शामिल है।
आसान भाषा में बताएं तो MSP का मतलब है न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), जो कि फसल की एक गारंटीड प्राइस होती है, जो किसान को मिलती है। इसमें फसल की बुआई के दौरान उसकी न्यूनतम कीमत फिक्स कर दी जाती है। वहीं, अगर फसल की कीमत बाजार के हिसाब से कम हो जाती है तो भी केंद्र सरकार एमएसपी पर ही किसानों से फसल खरीदती है जिससे कि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
बता दें कि केंद्र सरकार हर साल खरीफ और रबी सीजन (Kharif and Rabi season) से पहले ही 24 फसलों के लिए एमएसपी जारी करती है। यह सूची कृषि लागत और मूल्य आयोग यानी CACP की सिफारिशों के आधार पर जारी की जाती है। बता दें कि पहली बार एमएसपी रेट 1966-67 में लागू की गई थी।