Global Fintech Fest 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार फिनटेक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर विभिन्न उपाय कर रही है। पिछले 10 वर्षों में इस सेक्टर में 31 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश हुआ है। फिनटेक स्टार्टअप में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एंजल टैक्स को समाप्त करना भी इस सेक्टर के विकास की दिशा में उठाया गया एक कदम है। एंजल कर (30 प्रतिशत से अधिक की दर से आयकर) का मतलब वह आयकर है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाती है…यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है।
प्रधानमंत्री ने नियामकों से साइबर धोखाधड़ी को रोकने और लोगों के बीच डिजिटल साक्षरता को और बढ़ाने के लिए और अधिक उपाय करने के लिए भी कहा। फिनटेक सेक्टर ने वित्तीय सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाने, ऋण तक पहुंच को आसान तथा समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हमारे वित्तीय प्रौद्योगिकी परिदृश्य पर भरोसा है कि यह भारतीयों को गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीयों द्वारा वित्तीय प्रौद्योगिकी को जितनी तेजी से तथा जिस व्यापक स्तर पर अपनाया गया है…दुनिया में कहीं ऐसा देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी ने गांवों तथा शहरों के बीच की खाई को पाटने में मदद की है।
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मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए, यह दुनिया की सबसे बड़ी लघु वित्त योजना है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस कार्यक्रम में कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां वित्तीय समावेश का विस्तार करने, दक्षता में सुधार लाने और देश भर में वास्तविक समय में सेवाएं सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण रही हैं। दास ने कहा, ‘‘आज भारत डिजिटल भुगतान में वैश्विक नेता के रूप में खड़ा है, यह उपलब्धि सक्रिय नीति निर्माण को नवाचार तथा प्रौद्योगिकी प्रगति के साथ जोड़कर हासिल की गई है। नीति निर्माताओं, नियामकों और नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग भारत की वित्तीय प्रौद्योगिकी यात्रा को परिभाषित करता है।’’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में त्योहारों का मौसम है, अर्थव्यवस्था तथा बाजारों में भी उत्सव का माहौल है। उनका स्पष्ट इशारा मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि तथा पूंजी बाजार के नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की ओर था।
(PTI के इनपुट के साथ)