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Himachal budget: सुक्खू ने दूध के लिए MSP बढ़ाने का किया ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछली भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण हिमाचल पर कुल 87,788 करोड़ रुपये का कर्ज है।

Last Updated- February 17, 2024 | 3:16 PM IST
Himachal Pradesh budget

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राज्य सरकार का 58,444 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में कृषि क्षेत्र पर खासतौर से जोर देते हुए गाय और भैंस के दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने का ऐलान किया गया।

सुक्खू ने अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि एमएसपी गाय के दूध पर 38 रुपये से बढ़ाकर 45 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध पर 38 रुपये से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। राज्य में वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश दूध के लिए एमएसपी घोषित करने वाला पहला राज्य है।

उन्होंने कहा कि सभी दुग्ध सहकारी समितियों की देनदारियों को माफ कर दिया जाएगा और दूध खरीद तथा प्रसंस्करण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना की घोषणा की। इसके तहत 36,000 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। सुक्खू ने आगे कहा कि सेब पैकेजिंग के लिए मानक कार्टन पेश किए जाएंगे और बागवानी पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल के मानसून के बाद आपदा प्रभावित लोगों के लिए 4,500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी, जबकि केंद्र ने कोई विशेष पैकेज नहीं दिया है।

हिमाचल पर कुल 87,788 करोड़ रुपये का कर्ज

उन्होंने कहा कि राज्य में पिछली भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण हिमाचल पर कुल 87,788 करोड़ रुपये का कर्ज है।

सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को केंद्र से 22,406 करोड़ रुपये की राशि मिलनी बाकी है, जिसमें आपदा के बाद की जरूरत के लिए 9,906 करोड़ रुपये का प्रस्ताव, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से बिजली बकाया के रूप में 4500 करोड़ रुपये और पेंशन योजना के तहत कुल 8,000 करोड़ रुपये का कर्मचारियों का योगदान शामिल है।

उन्होंने कहा कि 327 पुरानी डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाएगा और राज्य में वाहन स्क्रैप केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी 60 रुपये बढ़ाकर 240 से 300 रुपये प्रतिदिन करने का प्रस्ताव भी रखा।

First Published - February 17, 2024 | 3:16 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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