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भारत ने चीन, थाईलैंड, बहरीन से ग्लास फाइबर के आयात की डंपिंग रोधी जांच शुरू की

ग्लास फाइबर या फाइबर ग्लास प्रबलित प्लास्टिक है जो मजबूत, हल्का, लचीला होता है और इसे कई जटिल आकृतियों में ढाला जा सकता है।

Last Updated- June 30, 2024 | 8:12 PM IST
भारत ने चीन, थाईलैंड, बहरीन से ग्लास फाइबर के आयात की डंपिंग रोधी जांच शुरू की, India imposes anti-dumping duties on three Chinese products

भारत ने एक घरेलू कंपनी की शिकायत के बाद चीन, थाईलैंड, बहरीन से ग्लास फाइबर के आयात के संबंध में डंपिंग रोधी जांच शुरू की है। इस शुल्क का उद्देश्य घरेलू उद्योग को सस्ते आयात से बचाना है। वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) इन देशों में तैयार हुए या वहां से निर्यातित ग्लास फाइबर और इसके उत्पादों की कथित डंपिंग की जांच कर रहा है।

ग्लास फाइबर या फाइबर ग्लास प्रबलित प्लास्टिक है जो मजबूत, हल्का, लचीला होता है और इसे कई जटिल आकृतियों में ढाला जा सकता है। इसके कई औद्योगिक और घरेलू उपयोग हैं। ओवेन्स-कॉर्निंग (इंडिया) ने आयात पर डंपिंग रोधी जांच शुरू करने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि कथित डंप किए गए आयातों के कारण घरेलू उद्योग को भौतिक क्षति हो रही है और उसने डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का अनुरोध किया है।

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डीजीटीआर ने एक अधिसूचना में कहा, “आवेदक द्वारा प्रस्तुत लिखित आवेदन तथा उत्पाद के डंपिंग के संबंध में आवेदक द्वारा दिए गए सबूत के आधार पर संतुष्ट होने के बाद प्राधिकरण ने डंपिंग रोधी जांच शुरू की है।” अगर यह साबित हो जाता है कि डंपिंग से घरेलू कंपनियों को नुकसान पहुंचा है, तो डीजीटीआर इन आयातों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करेगा। शुल्क लगाने का अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय लेता है।

डंपिंग रोधी जांच विभिन्न देशों द्वारा यह पता लगाने के लिए की जाती है कि सस्ते आयात में वृद्धि के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है।

First Published - June 30, 2024 | 8:12 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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