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भारत की बेरोजगारी दर जल्द ही 3 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी: मनसुख मंडाविया

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए, मंडाविया ने बताया कि बेरोजगारी दर में काफी कमी आई है।

Last Updated- July 29, 2024 | 5:04 PM IST
National Dental Commission Bill, Nursing and Midwifery Commission Bill

मनसुख मंडाविया ने सोमवार को जनता को आश्वासन दिया कि नौकरी जाने की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की बेरोजगारी दर जल्द ही 3 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए, मंडाविया ने बताया कि बेरोजगारी दर में काफी कमी आई है। उन्होंने इस गिरावट का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के रोजगार सृजन के प्रयासों को दिया।

मंडाविया ने बताया कि वर्तमान बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत है। यह 2017-18 के 6 प्रतिशत से कम हो गई है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत रोजगार सृजन हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्क फोर्स भागीदारी दर 2017-18 के 38 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह, काम-जनसंख्या अनुपात भी 31 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया है। मंडाविया के अनुसार, ये आंकड़े दिखाते हैं कि नौकरी का बाजार बेहतर हो रहा है और कार्यबल के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

पिछले हफ्ते आई 2023-24 की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट ने भी अच्छी खबर दी है। इसमें कहा गया है कि साल 2022-23 में बेरोज़गारी की दर घटकर 3.2% रह गई है। पिछले छह सालों में भारत में नौकरी से जुड़े हालात बहुत सुधरे हैं। खास बात यह है कि युवाओं में बेरोज़गारी की दर 2017-18 के 17.8% से घटकर 2022-23 में 10% हो गई है। इसी दौरान, काम करने वाले लोगों की संख्या और कुल जनसंख्या के हिसाब से काम करने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में रोज़गार बढ़ रहा है। लेकिन अभी भी हर साल 2036 तक लगभग 80 लाख नई नौकरियों की ज़रूरत है। इसलिए निजी कंपनियों को ज़्यादा नौकरियां पैदा करने की ज़रूरत है। सर्वेक्षण ने यह भी चेतावनी दी है कि AI जैसी तकनीक पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहने से नौकरियां कम हो सकती हैं।

First Published - July 29, 2024 | 5:04 PM IST

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