facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

IP Index: बौद्धिक संपदा सूचकांक में भारत 55 देशों में 42वें स्थान पर मौजूद

Advertisement
Last Updated- February 25, 2023 | 3:38 PM IST
IP Index: India ranks 42nd among 55 countries in the Intellectual Property Index

अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा (IP) सूचकांक के मामले में भारत दुनिया की 55 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से 42वें स्थान पर है। यह आईपी-चालित नवाचार के जरिये भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलाव की संभावनाओं को दर्शाता है।

अमेरिकी उद्योग मंडल ‘यूएस चैंबर्स ऑफ कॉमर्स’ के ग्लोबल इनोवेशन पॉलिसी सेंटर की तरफ से शुक्रवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में भारत की बौद्धिक संपदा-आधारित नवाचार गतिविधियों की प्रशंसा की गई है। इस रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा सूचकांक को आधार बनाते हुए प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति को दर्शाया गया है।

ग्लोबल इनोवेशन पॉलिसी सेंटर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पैट्रिक किल्ब्राइड ने कहा, ‘भारत का आकार और आर्थिक रसूख वैश्विक पटल पर बढ़ रहा है, ऐसी स्थिति में भारत आईपी-प्रेरित नवाचारों की मदद से अपनी अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करने की मंशा रखने वाली उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक अग्रणी देश बन सकता है।’

पेटेंस से लेकर कॉपीराइट कानूनों तक का जिक्र करने वाली इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने कॉपीराइट अधिकारों के उल्लंघन पर गतिशील निषेधात्मक आदेश जारी कर कॉपीराइट की नकल रोकने के सशक्त प्रयास किए हैं। इसके अलावा आईपी-आधारित कर रियायतें देकर और नकली उत्पादों के बारे में जागरूकता फैलाकर भी भारत ने इस दिशा में उल्लेखनीय काम किया है।

किल्ब्राइड ने कहा, ‘भारत ने कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री के खिलाफ कानून प्रवर्तन को सख्त करने के साथ ही आईपी परिसंपत्तियों की बेहतर समझ एवं उपयोग को भी बढ़ावा देने वाला ढांचा खड़ा किया है। हालांकि इस ढांचे में मौजूद खामियों को दूर करना भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए एक नया मॉडल बनाने में अहम होगा।’

इस रिपोर्ट में भारत के बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड को 2021 में भंग किए जाने और न्यायपालिका पर बढ़ते मामलों के बोझ को चिंता का मुद्दा बताते हुए कहा गया है कि इससे बौद्धिक संपदा अधिकारों को लागू करने की क्षमता प्रभावित होती है।

Advertisement
First Published - February 25, 2023 | 3:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement